वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप, डिंपल यादव ने केंद्र और यूपी सरकार को घेरा

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर युवाओं और छात्रों से जुड़े अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार रोजगार, शिक्षा, छात्र आंदोलनों और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर जवाब देने से बच रही है तथा समाज को विभाजित करने वाले मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार गृह मंत्री से संसद में आकर इन विषयों पर जवाब देने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। डिंपल यादव ने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई घटनाओं, कथित पेपर लीक, छात्रों पर बल प्रयोग और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
राम मंदिर दान और शिक्षा के मुद्दे भी उठाए
डिंपल यादव ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े दान और कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि करोड़ों लोगों ने आस्था के साथ योगदान दिया है, इसलिए इससे जुड़े सभी मामलों पर संसद में पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने झारखंड के छात्र आंदोलन और उत्तर प्रदेश में कथित पेपर लीक का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी और सरकार को इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
विपक्षी कार्यक्रमों पर रोक को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
प्रयागराज में कांग्रेस के प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने पर भी सपा नेताओं ने सरकार की आलोचना की। वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्षी दलों के कार्यक्रमों को अनुमति न देना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि सरकार संसद और सार्वजनिक मंचों पर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर रही है तथा विपक्ष की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली और पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता के सामने वास्तविक तथ्य आ सकें।












