बालिका दिवस पर बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेषज्ञों ने की चर्चा
बालिका दिवस के अवसर पर शासकीय पीएम श्री महाविद्यालय कार्यक्रम आयोजित

सिंगरौली -बालिका दिवस के अवसर पर अग्रणी महाविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करियर अवसरों पर जागरूकता फैलाना था। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं, कानूनी सहायता और सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालिकाएं, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वल के साथ हुआ । जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता ने बालिकाओं के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, लाडली लक्ष्मी योजना और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों पर जोर देते हुए कहा कि इन योजनाओं से बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं और बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में विधिक सहायता अधिकारी श्री अमित शर्मा ने “निशुल्क न्याय सबके लिए” के सिद्धांत पर जोर देते हुए बताया कि कानूनी सहायता हर व्यक्ति का अधिकार है। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं के लिए उपलब्ध मुफ्त कानूनी सेवाओं के बारे में जानकारी साझा की और कहा कि कोई भी पीड़ित बिना किसी शुल्क के न्याय प्राप्त कर सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मनोरम तिवारी ने पीड़ित प्रतिकर योजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह योजना हिंसा या अपराध की शिकार महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। “यह योजना न केवल न्याय सुनिश्चित करती है बल्कि पीड़ितों को पुनर्वास में मदद भी करती है।
कार्यक्रम में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री खालिद जी ने बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता पर विशेष सत्र संबोधित किया। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों जैसे स्वास्थ्य समस्याएं, शिक्षा में बाधा और सामाजिक असमानता पर प्रकाश डाला। “बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप है जिसे जड़ से मिटाने की आवश्यकता है। कानून के तहत यह दंडनीय अपराध है,” ।
बाल संरक्षण अधिकारी श्री नीरज शर्मा ने बालिकाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के दौर में बालिकाएं विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, कला और खेल जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। “बालिकाओं को सही मार्गदर्शन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं,” श्री शर्मा ने कहा। उन्होंने करियर काउंसलिंग की आवश्यकता पर भी बल दिया। पीएम श्री महाविद्यालय के प्राचार्य श्री एम यू सिद्दीकी ने जिले में बालिकाओं के शिक्षा की स्थित एवं प्रगति के बारे में विस्तार से बताया।उन्होंने कहा बालिकाएं शिक्षा के क्षेत्र में बालकों को पीछे छोड़ रही है।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिका प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, खेल और कला में उत्कृष्टता दिखाने वाली बालिकाओं सुश्री खुशबू साकेत को वूशु में मास्को में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु,सुश्री भारगवी को तीरंदाजी, सुश्री पूनम गुप्ता ,स्नेहा साकेत एवं पूनम गुप्ता को फुटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु ट्राफी एवं प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजन का समापन बालिकाओं के सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ।इस अवसर पर बाल कल्याण समित के अध्यक्ष डॉ आरडी पांडेय, परियोजना अधिकारी शैलेन्द्र साकेत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।













