मध्य प्रदेशसिंगरौली

बगदरा अभ्यारण की 500 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा, खुलासे के बाद भी प्रशासन निष्क्रिय

सिंगरौली। जिले के बगदरा अभ्यारण में लगभग 500 एकड़ से अधिक केंद्रीय रिजर्व वन भूमि पर दशकों से जारी अवैध कब्जा और खेती का मामला सामने आने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार अभ्यारण की संरक्षित भूमि पर सरसों और तीली की अवैध खेती की जा रही है। इस क्षेत्र में नीलगाय सहित कई वन्यजीवों का विचरण क्षेत्र रहा है, लेकिन लगातार हो रही खेती के कारण प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। इसके बावजूद वन विभाग और प्रशासन द्वारा न सीमांकन किया गया और न ही कब्जाधारियों पर कोई कार्रवाई हुई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीब आदिवासियों पर प्रशासन तेजी से कार्रवाई करता है, जबकि प्रभावशाली और दबंग लोगों के कब्जों को नजरअंदाज किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समान रूप से कार्रवाई करे तो अभ्यारण को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सकता है।

वन विशेषज्ञों के अनुसार केंद्रीय रिजर्व वन भूमि पर कब्जा वन संरक्षण अधिनियम 1980, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। यह मामला संगठित वन अपराध की श्रेणी में आता है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक ग्राम पंचायत फुटहड़वा के सरपंच राजेंद्र सिंह पर अभ्यारण की भूमि पर लंबे समय से कब्जा कर खेती कराने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई जांच समिति गठित नहीं की गई और न ही एफआईआर दर्ज हुई है।मामले में कार्रवाई की स्थिति जानने के लिए एसडीएम चितरंगी सौरभ मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ, जिससे प्रशासन के रवैये पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय निवासी लालता प्रसाद कोल ने बताया कि लगभग दस वर्ष पहले इस क्षेत्र में काला मृग, नीलगाय और जंगली सूअर जैसे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास था, लेकिन खेती और जंगल नष्ट होने से वन्यजीवों की संख्या घटती जा रही है।पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वतंत्र जांच और बेदखली कार्रवाई नहीं हुई तो मामला न्यायालय और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
बगदरा अभ्यारण के प्रभारी अधिकारी आईएफएस राजेश कुमार कुन्नुन ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही टीम गठित कर भूमि का सीमांकन कराया जाएगा तथा अतिक्रमण हटाने के साथ दोषियों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Author

Related Articles

Back to top button