इमरान खान की आंखों की रोशनी घटने का दावा, सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल जांच के दिए आदेश

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान की आंखों की रोशनी कम होने के दावे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने गुरुवार को खान की आंखों की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित करने का आदेश दिया।
यह मामला तब सामने आया जब इमरान खान से मुलाकात के बाद उनके वकील सलमान सफदर ने अदालत में सात पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खान की दाहिनी आंख में केवल 15 प्रतिशत रोशनी बची है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक उनकी आंखों की रोशनी सामान्य (6/6) थी, लेकिन बाद में उन्हें धुंधलापन महसूस होने लगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि खान ने अदियाला जेल प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन करीब तीन महीने तक इलाज नहीं कराया गया। बाद में पीआईएमएस अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. आरिफ ने उनकी जांच की, जिसमें आंख में खून का थक्का जमने के कारण रोशनी प्रभावित होने की बात सामने आई।
वकील सफदर ने बताया कि हालिया मुलाकात के दौरान खान की आंख से पानी आ रहा था। रिपोर्ट में उनके निजी चिकित्सकों डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. आसिम यूसुफ या किसी योग्य नेत्र विशेषज्ञ से तत्काल जांच कराने की सिफारिश की गई है। साथ ही जेल प्रशासन से जल्द आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
रिपोर्ट में खान को लंबे समय से अकेले कैद में रखने और इससे उनकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है। इसमें गर्मी, मच्छरों और भोजन संबंधी समस्याओं की शिकायत का भी जिक्र किया गया है।
दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि पिछले पांच महीनों से खान को वकीलों और परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है तथा उनके निजी डॉक्टरों को भी मुलाकात से रोका गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल जांच के साथ ही इमरान खान को अपने बच्चों से फोन पर बात करने की अनुमति देने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने आदेश दिया है कि आंखों की जांच और फोन कॉल की व्यवस्था 16 फरवरी से पहले सुनिश्चित की जाए।













