सिंगरौली में म.प्र. जन अभियान परिषद् की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न

सिंगरौली। म.प्र. जन अभियान परिषद् सिंगरौली द्वारा चयनित नवांकुर संस्थाओं एवं सीएमसीएलडीपी परामर्शदाताओं की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश कुमार गोमे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक राजकुमार विश्वकर्मा, विकासखंड समन्वयक देवसर प्रभुदयाल दाहिया तथा विकासखंड समन्वयक चितरंगी विश्वनाथ रैदास सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया।
जिला समन्वयक द्वारा नवांकुर संस्थाओं और परामर्शदाताओं का परिचय कराया गया तथा बैठक की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। फरवरी माह में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित संस्थाओं और परामर्शदाताओं से प्रगति प्रतिवेदन प्राप्त किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सीएमसीएलडीपी छात्रों को प्रयोगशाला ग्रामों में पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उन्हें प्रदान किया जा सके। साथ ही ग्राम स्तर की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान हेतु कार्य करने पर बल दिया गया। नवांकुर संस्थाओं के माध्यम से नर्सरी में पौध तैयार करने और “एक बगिया मां के नाम” योजना के अंतर्गत हितग्राहियों का चयन कर पौध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला समन्वयक ने आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। विकासखंड समन्वयक देवसर एवं चितरंगी द्वारा भी क्षेत्रीय गतिविधियों की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक में उपस्थित नवांकुर संस्थाओं एवं परामर्शदाताओं से कार्यों के संबंध में फीडबैक लिया गया और सुझावों पर चर्चा की गई।बैठक में नवांकुर संस्थाओं से प्रीता गुर्जर, अमृता शर्मा, रामसूरत विश्वकर्मा, सावित्री प्रजापति, शिवेंद्रधर द्विवेदी, रजनीश साहू, उमाशंकर बैस, राम सिंह, दिलीप गुप्ता, द्वारिका प्रसाद कुशवाहा, अखिलेश कुमार पाठक, प्रमोद कुमार मिश्रा सहित परामर्शदाता विवेकानंद द्विवेदी, राधेश्याम कुशवाहा, रिनू शर्मा, सुरेखा गुप्ता, वंदना शाह, राधा यादव, राजकुमार सिंह, सीएम इंटर्न सुशील साकेत एवं चंद्ररेखा प्रजापति उपस्थित रहे।बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामुदायिक सहभागिता और ग्राम विकास को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।













