हिंडालको – महान में “शुभारम्भ – फाउंडेशन टू फ्यूचर” कार्यक्रम का आयोजन
नवागत साथियों का स्वागत, 25 वर्ष पूर्ण करने वाले अधिकारियों का सम्मान

सिंगरौली। हिंडालको–महान इकाई में “भविष्य की नींव” विषय के अंतर्गत “शुभारंभ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों का स्वागत किया गया तथा आदित्य बिड़ला समूह में 25 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में 25 से अधिक नए कर्मचारियों ने अपने परिवारों सहित सहभागिता की, जिससे आयोजन में आत्मीय एवं पारिवारिक वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।मानव संसाधन विभाग के प्रमुख ने स्वागत भाषण में कहा कि “शुभारंभ” केवल औपचारिक परिचय का मंच नहीं है, बल्कि संगठन और परिवार के बीच विश्वास तथा जुड़ाव को सुदृढ़ करने का अवसर है।
इस अवसर पर नवागत इकाई प्रमुख लिनु पंचमन, परियोजना प्रमुख एस. सेंथिल नाथ, पी. वी. कृष्णा एवं एस. शशि कुमार ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि हिंडालको–महान में प्रतिभा का मूल्यांकन केवल कार्य प्रदर्शन से नहीं, बल्कि मूल्यों, सहयोग और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता से किया जाता है।
लिनु पंचमन ने कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक शक्ति उसकी टीम और उनके परिवार होते हैं। उन्होंने नवाचार, सुरक्षा और उत्कृष्टता को कार्य संस्कृति का आधार बनाने का आह्वान किया। परियोजना प्रमुख सेंथिल नाथ ने 25 वर्ष पूर्ण करने वाले अधिकारियों को संस्था की जीवंत धरोहर बताया। पी. वी. कृष्णा ने टीम भावना और अनुशासन को सफलता की आधारशिला बताया, जबकि एस. शशि कुमार ने निरंतर सीखते रहने और संगठनात्मक संस्कृति को आगे बढ़ाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में नवागत कर्मचारियों ने परिचय प्रस्तुति के माध्यम से स्वयं का परिचय दिया। गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। परिवारों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया।
इस दौरान आदित्य बिड़ला समूह में 25 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले सात अधिकारियों — अशेष अनुनय शरण, दीप्ती शरण, जय प्रकाश सिंह, लाल बहादुर यादव, नन्द यादव, बापी डिन्डा एवं अनिल सिंह — को रजत पट्टिका प्रदान कर सम्मानित किया गया।
नव नियुक्त कर्मचारियों के सहयोगी साथियों — तरुण कुशवाहा, विवेक शर्मा, प्रियंका शर्मा, सुमन मैती, रमेश चक्रधर एवं विपुल सिंह — को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संजय चतुर्वेदी ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की, जिसकी उपस्थितजनों ने सराहना की। उनके योगदान के लिए उन्हें भी सम्मानित किया गया।
समापन सत्र में मानव संसाधन विभाग से प्रणव सोनी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह आयोजन विश्वास, जुड़ाव और साझा संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने सभी परिवारों, वरिष्ठ नेतृत्व, आयोजन समिति और सहयोगी दल के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम हिंडालको–महान में नई शुरुआत और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के उत्सव के रूप में यादगार रहा। आयोजन ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि किसी भी संस्था की असली पहचान उसकी एकजुट टीम और मजबूत पारिवारिक संस्कृति होती है।











