अमलोरी खदान में सुरक्षा पर सवाल: हाई लेवल निरीक्षण के बीच कलिंगा कंपनी की लापरवाही, ओवरलोड टीपर धंसने से टला बड़ा हादसा
सिंगरौली।एनसीएल की अमलोरी परियोजना में हाल ही में हुई दुर्घटनाओं के बाद कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) प्रबंधन सतर्क हो गया है। जानकारी के अनुसार CIL चेयरमैन, कोल सेफ्टी विभाग के डीडीजी और यूनियन प्रतिनिधियों की उच्चस्तरीय टीम अमलोरी खदान में 7 दिन तक हाई लेवल निरीक्षण करेगी। टीम यहां सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करने पहुंच रही है।
इसी बीच गुरुवार सुबह अमलोरी परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी कलिंगा की बड़ी लापरवाही सामने आ गई। बताया जा रहा है कि डंपिंग में अनलोडिंग के लिए गया एक ओवरलोड टीपर सुरक्षा बैरियर (बरन) नहीं होने के कारण अचानक एक तरफ धंस गया। हालांकि चालक किसी तरह सुरक्षित निकल गया और बड़ा हादसा टल गया।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार डंपिंग स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। वहीं वाहन ओवरलोड होने के कारण असंतुलित होकर धंस गया। यदि जरा सी भी चूक होती तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी।
हैरानी की बात यह है कि अमलोरी आउटसोर्सिंग परियोजना में इसी दौरान DGMS और मुख्यालय की टीम सुरक्षा निरीक्षण के लिए मौजूद है। इसके बावजूद कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर, जीएम, पीएम, सेफ्टी ऑफिसर और ओवरमैन की लापरवाही सामने आने से सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों का आरोप है कि कंपनी टारगेट और क्वांटिटी पूरी करने के दबाव में ओवरलोड मिट्टी ढुलवाकर असुरक्षित तरीके से काम करा रही है, जिससे ड्राइवरों और मशीन ऑपरेटरों की जान खतरे में बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी ड्राइवर और CISF के बीच झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन की कार्यप्रणाली में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
अब CIL चेयरमैन और कोल सेफ्टी अधिकारियों के प्रस्तावित निरीक्षण के बीच सामने आई इस घटना ने कलिंगा कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल खदान में काम कर रहे ड्राइवरों और मजदूरों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक ओवरलोडिंग और असुरक्षित डंपिंग के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ेगा।












