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रेलवे के आश्वासन के बाद प्रभावितों का प्रस्तावित अनशन स्थगित

दूसरी अनुसूची के लाभ देने को तैयार रेलवे विभाग, पात्रता प्रमाणन के बाद मिलेगी सहायता राशि

सिंगरौली/ ललितपुर–सिंगरौली रेल लाइन परियोजना से प्रभावित उन परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जिन्हें भूमि अधिग्रहण के दौरान दूसरी अनुसूची के तहत मिलने वाले पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन लाभ नहीं मिल सके थे। रेलवे विभाग द्वारा पात्र प्रभावितों को नियमानुसार लाभ देने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रभावितों द्वारा प्रस्तावित अनशन एवं धरना कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

प्रभावित हित संरक्षण समिति के अनुसार पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के मुख्य अभियंता (निर्माण) ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि दूसरी अनुसूची के अंतर्गत पात्र पाए जाने वाले सभी प्रभावित व्यक्तियों को नियमानुसार लाभ प्रदान करने के लिए रेलवे विभाग तैयार है। इसके लिए आवश्यक है कि संबंधित व्यक्तियों की पात्रता का प्रमाण राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रमाणित कर जिला प्रशासन के माध्यम से रेलवे विभाग को मांग पत्र भेजा जाए।

मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि जिन प्रभावितों के नाम से कलेक्टर, उपखंड अधिकारी (राजस्व) अथवा अन्य सक्षम राजस्व अधिकारियों द्वारा दूसरी अनुसूची की पात्रता संबंधी प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, वे लगभग पांच लाख रुपये की पुनर्वास सहायता राशि सहित अन्य स्वीकृत लाभ प्राप्त करने के लिए कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से रेलवे विभाग को मांग पत्र भेज सकते हैं। मांग पत्र प्राप्त होते ही विभाग द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं जिन प्रभावितों को अभी तक पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, उनसे राजस्व विभाग से प्रमाण पत्र जारी कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का आग्रह किया गया है, ताकि उनकी मांग भी रेलवे विभाग तक पहुंच सके और उन्हें नियमानुसार लाभ मिल सके।

प्रभावित हित संरक्षण समिति ने कहा कि रेलवे विभाग के सकारात्मक आश्वासन को देखते हुए प्रस्तावित अनशन कार्यक्रम को स्थगित किया गया है। हालांकि समिति ने चेतावनी दी है कि यदि पात्र प्रभावितों को समयबद्ध तरीके से दूसरी अनुसूची के लाभ उपलब्ध नहीं कराए गए, तो भविष्य में पुनः लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

समिति ने जिला प्रशासन से भी मांग की है कि पात्र प्रभावित परिवारों के प्रमाण पत्र शीघ्र जारी कर रेलवे विभाग को मांग पत्र भेजने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, जिससे वर्षों से लंबित पुनर्वास लाभ प्रभावित परिवारों तक पहुंच सके।

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