जल संरक्षण कार्यों में जन भागीदारी सुनिश्चित करें – मुख्यमंत्री

जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से होगा शुरू
जल गंगा संवर्धन अभियान में परंपरागत जल स्त्रोतों का होगा जीर्णोद्धार
सिंगरौली -सीएम डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल गंगा संवर्धन अभियान के तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से आरंभ होगा। अभियान के तहत गत वर्ष की कार्ययोजना में शामिल सभी अधूरे कार्यों को पूरा करायें। अभियान में नये जल संरक्षण कार्यों के साथ-साथ परंपरागत जल स्त्रोतों का जीर्णोंद्धार करायें। जल संरक्षण के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाये। जल गंगा संवर्धन अभियान से हो रहे जल संरक्षण के कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करें। सभी कलेक्टर अभियान की पूरी कार्य योजना तैयार करे लें कार्ययोजना में गांव का पानी गांव और खेत का पानी खेत में बचाने के लिए जल संरक्षण का कार्य शामिल करें। नदियों के उद्गम स्थलों तथा जलाशवों के साफ-सफाई एवं इनके कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तत्परता से करें। चंबल, नर्मदा और क्षिप्रा नदियों के उद्गम स्थलों पर जल संरक्षण के विशेष आयोजन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न विभागों को शामिल किया गया है। सभी विभाग समन्वय बनाकर जल संवर्धन और जल संरक्षण के कार्य करें। सभी विभाग जल शक्ति मंत्रालय के पोर्टल पर जल संरक्षण के कार्यों का अपलोड करायें। नहरों की साफ-सफाई, बांधों के कटाव को रोकने तथा वृक्षारोपण के कार्य अनिवार्य रूप से करायें। आंगनवाड़ी केन्द्र भवन सहित सभी शासकीय भवनों में रूफ वाटर हार्वेड्डस्टग सिस्टम लगाये। जन जागरूकता के लिए जल रैली, प्रभातफेरी, जल परिक्रमा आयोजित करें। सभी कलेक्टर 16 मार्च तक जिला स्तरीय बैठक आयोजित कर अभियान की कार्ययोजना बनाये। इसमें जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान में सभी आवेदन पत्रों का निराकरण करें। कलेक्टर जिला स्तरीय शिविरों का शीघ्र आयोजन करायें। खाड़ी के देशों में युद्ध की स्थिति में यदि कोई मध्यप्रदेश का निवासी फसा है तो उसे हर संभव सहायता दी जायेगी। इसके लिए जारी हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम के नंबरों का प्रचार प्रसार करें। समर्थन मूल्य पर गेंहू के उपार्जन के लिए आवश्यक तैयारियां कर ले। कलेक्टर तथा अन्य अधिकारी स्कूलों तथा छात्रावासों का निरीक्षण करें। स्कूलों में अगले शिक्षण सत्र की तैयारी भी शुरू करा दें। रोजगार मूलक पाठ¬क्रमों के लिए विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन की व्यवस्था करें। प्रदेश में वर्तमान वर्ष को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों को प्रमुख कार्यक्रमों और समारोहों के दौरान प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित करें। कलेक्टर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समुचित आपूर्ति के लिए तत्काल कार्ययोजना बना ले। हर बसाहट में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी केन्द्र से कलेक्टर श्री गौरव बैनल, वन मण्डल अधिकारी अखिल बंसल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे, नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद डामोर, जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह, उप संचालक उद्यानिकी एच.एल निमोरिया, उपसंचालक कृषि अजीत सिंह, सहित कार्यपालन यंत्री जल संशाधन विभाग एवं अन्य अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।











