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चितरंगी में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड की स्वीकृति पर अधिवक्ता संघ ने जताया आभार

मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट से मिली मंजूरी, जल्द सिविल न्यायालय संचालन की मांग

सिंगरौली-  चितरंगी में सिविल न्यायालय की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर अधिवक्ता संघ में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में चितरंगी के लिए पूर्व स्वीकृत सिविल न्यायालय हेतु व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड के एक पद सहित छह अन्य नवीन पदों के सृजन को मंजूरी मिलने पर अधिवक्ता संघ ने मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती राधा रविंद्र सिंह का आभार व्यक्त किया।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बीपी सिंह ने बताया कि चितरंगी में सिविल न्यायालय की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस मांग को लेकर अधिवक्ता संघ ने पिछले वर्ष दिसंबर में तहसील कार्यालय के सामने लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरना भी दिया था। उसी दौरान मंत्री राधा रविंद्र सिंह धरना स्थल पर पहुंचीं और फरवरी–मार्च तक न्यायालय खुलवाने का आश्वासन दिया था।


अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय न होने के कारण क्षेत्र की जनता को पेशी के लिए 100 से 125 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी होती थी। न्यायालय शुरू होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

अधिवक्ता संघ ने सरकार से मांग की है कि मार्च–अप्रैल के भीतर न्यायालय का संचालन शुरू कराया जाए, ताकि जनता को सुलभ और शीघ्र न्याय मिल सके।

इस दौरान अध्यक्ष बीपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष ललन सिंह, उपाध्यक्ष सुरेशचंद्र पांडेय, सचिव अनिलधर द्विवेदी, कोषाध्यक्ष विनोद सिंह चौहान सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं मंत्री निवास पर एसडीएम देवेंद्र द्विवेदी, तहसीलदार नागेश्वर पनिका, नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र साकेत और सीईओ मानसिंह सैयाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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