टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों की बैठक, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की मांग
मल्हार पार्क में जुटे सैकड़ों शिक्षक, बोले—25 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों से दोबारा परीक्षा लेना अन्याय

सिंगरौली। बैढ़न स्थित मल्हार पार्क में राज्य शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला इकाई सिंगरौली के जिलाध्यक्ष सुमार प्रसाद खैरवार ने की। यह बैठक प्रांताध्यक्ष के निर्देशानुसार टीईटी परीक्षा के मुद्दे पर प्रदेशभर में आयोजित बैठकों की श्रृंखला के तहत आयोजित की गई।
बैठक में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश को लेकर नाराजगी जताई। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्ष 1998 से शासन के निर्देशानुसार लगातार शिक्षा सेवा दे रहे हैं, ऐसे में अब टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य करना उनके साथ अन्याय है। कई शिक्षक 25 से 50 वर्ष की आयु के हैं और वर्षों से स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शिक्षकों ने कहा कि इतने लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब दोबारा परीक्षा देकर अपनी योग्यता साबित करने के लिए कहना उचित नहीं है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस आदेश में संशोधन किया जाए और प्रदेश सरकार शिक्षकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करे।
बैठक में टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो जिले सहित पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर रघुवंश द्विवेदी, इंद्रेश शुक्ला, श्याम लाल शाह, रमेश शाह, तनूजा कुशवाहा, अर्चना शर्मा, विजय लक्ष्मी सिंह और संत ज्ञानेश्वर तिवारी सहित जिलेभर से सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।













