जिला कांग्रेस कार्यकारिणी पर उठे सवाल, प्रतिनिधित्व को लेकर नाराजगी

सिंगरौली। जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर की नई कार्यकारिणी को लेकर असंतोष सामने आया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता सुदामा प्रसाद साकेत ने कार्यकारिणी में दलित (साकेत समाज) और आदिवासी वर्ग को पर्याप्त स्थान न दिए जाने पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी के गठन में वरिष्ठ नेताओं से उचित सलाह-मशवरा नहीं किया गया, जिससे संघर्षशील और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई है। साकेत समाज, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग को समुचित प्रतिनिधित्व न मिलना कांग्रेस की मूल विचारधारा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
सुदामा प्रसाद साकेत ने आरोप लगाया कि वर्तमान कार्यकारिणी की संरचना से यह प्रतीत होता है कि वंचित वर्गों के समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया है, जिससे राजनीतिक रूप से विपक्ष को लाभ मिल सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी द्वारा “जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी भागीदारी” के सिद्धांत पर बार-बार जोर दिया जाता रहा है, लेकिन सिंगरौली की कार्यकारिणी इस दिशा में कमजोर नजर आती है।
पुनर्गठन की मांग, इस्तीफे की चेतावनी
सुदामा प्रसाद साकेत ने कहा कि वह जल्द ही राहुल गांधी, जीतू पटवारी, अजय सिंह (राहुल भैया) और कमलेश्वर पटेल को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
उन्होंने कार्यकारिणी के पुनर्गठन की मांग करते हुए कहा कि सभी वर्गों को न्यायोचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, अन्यथा दलित समाज कांग्रेस पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देने को मजबूर होगा।













