सुवर्णरेखा किनारे मिला 500 पाउंड का जिंदा बम, इलाके में दहशत

पूर्वी सिंहभूम। जिले में सुवर्णरेखा नदी किनारे बालू और मिट्टी के नीचे दबा एक विशालकाय जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया। गैस सिलेंडर के आकार का यह बम बेहद खतरनाक बताया जा रहा है, जिसे देखकर बम निरोधक दस्ता भी सतर्क हो गया है।
अमेरिकी बम होने की आशंका
बम पर AN-M64 मॉडल और “Made in America” लिखा हुआ है। करीब 500 पाउंड (लगभग 227 किलोग्राम) वजनी इस बम को विशेषज्ञ द्वितीय विश्व युद्ध के समय का मान रहे हैं। बम निरोधक दस्ते के अनुसार, इसे निष्क्रिय करना केवल सेना के विशेषज्ञों के ही बस की बात है।
अवैध खनन के दौरान हुआ खुलासा
यह बम उस समय सामने आया जब सुवर्णरेखा नदी किनारे अवैध बालू खनन के दौरान मजदूर का फावड़ा किसी भारी वस्तु से टकराया। मिट्टी हटाने पर जब बड़ा सिलेंडरनुमा बम दिखा तो मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
संभावना जताई जा रही है कि भारी बारिश और तेज बहाव के कारण यह बम बहकर यहां तक पहुंचा होगा।
इलाके को किया गया सील
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और लोगों को बम के पास जाने से मना किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुराना विमान हादसा हो सकता है कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह बम दशकों पुराना हो सकता है। बताया जा रहा है कि महुलडांगरी इलाके में पहले एक लड़ाकू विमान हादसा हुआ था और संभव है कि यह बम उसी विमान का हिस्सा रहा हो, जो रेत में दबा रह गया।
सेना की मदद ली जा रही
प्रशासन ने बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए सेना और विशेषज्ञ टीमों से मदद मांगी है। साथ ही पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरबेस से भी तकनीकी सहयोग के लिए संपर्क किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बम फटता है तो कई सौ मीटर तक भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।













