एनटीपीसी विंध्याचल में ‘स्मार्ट ऐश डाइक प्रबंधन’ पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
तकनीक, सुरक्षा और सतत विकास पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार, ड्रोन व एआई आधारित मॉनिटरिंग पर जोर

सिंगरौली।एनटीपीसी विंध्याचल में 23 और 24 मार्च 2026 को ‘स्मार्ट ऐश डाइक मैनेजमेंट: टेक्नोलॉजी, सेफ्टी एवं सस्टेनेबिलिटी का समन्वय’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। उमंग भवन सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न परियोजनाओं के विशेषज्ञों, तकनीकी प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लेकर आधुनिक एवं सुरक्षित ऐश डाइक प्रबंधन पर गहन चर्चा की।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बिद्यानंद झा, कार्यकारी निदेशक (ओएस) द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) विंध्याचल, सीएच. किशोर कुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) सिंगरौली, प्रणय कुमार नायक, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) रिहंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और परिचालन सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐसी कार्यशालाओं की उपयोगिता पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान स्मार्ट ऐश डाइक प्रबंधन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग, ड्रोन आधारित निगरानी तथा एआई और मशीन लर्निंग तकनीकों के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। आईआईटी कानपुर एवं अन्य तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों ने डाइक सुदृढ़ीकरण, जलकुंभी नियंत्रण और ऐश के सुरक्षित उपयोग से जुड़े नवाचारों पर प्रकाश डाला।
इस दौरान विंध्याचल, टीएसटीपीएस, रिहंद, कोरबा और झज्जर सहित विभिन्न परियोजनाओं के अनुभव भी साझा किए गए, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी मिली। कार्यशाला का मुख्य आकर्षण शाहपुर ऐश डाइक का फील्ड विजिट रहा, जहां प्रतिभागियों ने जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम का समापन फीडबैक सत्र और प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। अंत में एम. सुरेश, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।













