सिंगरौली में केज एक्वाकल्चर और फिश प्रोसेसिंग परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित, 20 मई तक कर सकेगे आवेदन

सिंगरौली /मध्य प्रदेश शासन के मत्स्योद्योग निदेशालय द्वारा ‘मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ के क्रियान्वयन के साथ ही सिंगरौली जिले में मत्स्य उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस नीति के अंतर्गत जिले में निजी निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत केज एक्वाकल्चर की स्थापना और संचालन सहित मत्स्य पालन से जुड़ी आधुनिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि जिले के जलाशयों का वैज्ञानिक और व्यावसायिक रूप से बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
मत्स्योद्योग विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सिंगरौली में ‘उद्यमी मॉडल’ के तहत केज एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स, इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग, इको-टूरिज्म और ग्रीन एनर्जी जैसी नवीन गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके साथ ही, जिले में मछली के भंडारण और प्रसंस्करण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए फिश हैचरी, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और फिश प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना में निजी क्षेत्र की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन आधुनिक परियोजनाओं से न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि जिले के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र उद्यमियों को शासन की ओर से बैंक ऋण सुविधा, ब्याज सबवेंशन और तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। सिंगरौली जिले के इच्छुक निवेशक और उद्यमी अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आगामी 20 मई 2026 तक जिला मत्स्योद्योग कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।
योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और नियम-शर्तों के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.mpfisheries.gov.in पर भी लॉगिन किया जा सकता है।













