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कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने दो आदतन अपराधियों को किया 1-1 वर्ष के लिए जिलाबदर

सिंगरौली, । सिंगरौली जिले में आमजन की सुरक्षा, शांति एवं लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट श्री गौरव बैनल ने दो आदतन अपराधियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। जिला मजिस्ट्रेट, सिंगरौली द्वारा जारी आदेश के अनुसार, थाना विंध्यनगर एवं नवानगर क्षेत्र के दो शातिर एवं आदतन अपराधियों को मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत एक वर्ष की अवधि के लिए जिलाबदर कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सिंगरौली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं आपराधिक इतिहास के आधार पर यह निष्कासन आदेश पारित किया गया है।

अनावेदक गोविन्दा बर्मा, उम्र 25 वर्ष, पिता रामकृपाल बर्मा, निवासी ग्राम बनौली, थाना विंध्यनगर को पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के अनुसार, अनावेदक वर्ष 2005 से निरंतर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। इसके विरुद्ध थाना विंध्यनगर एवं नवानगर में गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, रंगदारी (अवैध वसूली) तथा अवैध हथियार (आर्म्स एक्ट) रखने जैसे कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लगातार की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के बावजूद उसकी आदतों में कोई सुधार नहीं आया था। इसी प्रकार, अनावेदक शारदा प्रसाद साहू, उम्र 41 वर्ष, पिता स्व. भुआल दास साहू, निवासी ग्राम अमझर, थाना नवानगर के विरुद्ध भी जिलाबदर की कार्रवाई की गई है। अनावेदक वर्ष 2017 से लगातार चोरी, नकबजनी, मारपीट, आर्म्स एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, एनडीपीएस एक्ट एवं आबकारी एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है। इसके विरुद्ध विभिन्न थानों में कुल 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। अनावेदक के भय एवं आतंक के कारण क्षेत्र की आम जनता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही थी।

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेशानुसार, दोनों अपराधियों को आदेश प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर सिंगरौली जिले की समस्त सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं। निष्कासन की एक वर्ष की अवधि के दौरान दोनों अनावेदकों को प्रत्येक माह अपने निवास स्थान की जानकारी लिखित रूप से संबंधित थाना प्रभारी (विंध्यनगर/नवानगर) को डाक द्वारा भेजनी होगी। यदि निष्कासित व्यक्तियों के विरुद्ध सिंगरौली जिले के किसी दांडिक न्यायालय में मामले विचाराधीन हैं, तो वे नियत पेशी पर न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें जिले में प्रवेश करने से पूर्व संबंधित थाना प्रभारी को लिखित सूचना देनी होगी और पेशी समाप्त होते ही तुरंत जिले की सीमा से बाहर जाना होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने अथवा बिना सक्षम आदेश के जिले में प्रवेश करने पर मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 14 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश दिनांक 12 अगस्त 2026 की शाम 5:00 बजे से प्रभावी हो गया है।

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