देवरा गांव पहुंचे कलेक्टर गौरव बैनल, घर-घर मिल रहे नल के पानी की जांची गुणवत्ता
नवंबर अंत तक शेष काम पूरा कर हर परिवार को नल कनेक्शन देने के निर्देश, ग्रामीणों से पानी का सदुपयोग और नियमित शुल्क भुगतान की अपील

सिंगरौली। जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर गौरव बैनल ने जनपद पंचायत चितरंगी क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरा का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बैढ़न समूह-2 जल प्रदाय योजना से ग्रामीणों के घरों तक पहुंच रहे पेयजल की गुणवत्ता और जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजना से मिलने वाले पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ग्रामीण सावित्री देवी के घर पहुंचे और नल के माध्यम से मिल रहे पानी की स्थिति देखी। ग्रामीणों ने घर-घर नल से शुद्ध पेयजल मिलने पर प्रसन्नता जताई। कलेक्टर ने कहा कि नियमित रूप से नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को पानी के लिए होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। उन्होंने ग्रामीणों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की।कलेक्टर ने ग्रामीणों से निर्धारित जल शुल्क का नियमित भुगतान करने के लिए भी कहा। उन्होंने बताया कि जल प्रदाय व्यवस्था को सुचारू और निरंतर बनाए रखने में ग्रामीणों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
पानी की नियमित जांच और जागरूकता पर जोर
कलेक्टर ने जल निगम के महाप्रबंधक पंकज वाधवानी को निर्देश दिए कि योजना के तहत घरों तक पहुंचाए जा रहे पानी की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जाए। उन्होंने ग्राम पानी समितियों के माध्यम से बैठकें आयोजित कर ग्रामीणों को योजना की जानकारी देने तथा पेयजल से जुड़ी भ्रांतियों और मिथकों को दूर करने के लिए प्रभावी जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर पानी समितियों के पुनर्गठन और आईईसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को पानी के सदुपयोग तथा निर्धारित शुल्क के नियमित भुगतान के लिए प्रेरित करने को कहा।
छूटे मजरों-टोलों का होगा सर्वे
कलेक्टर ने ऐसे मजरों और टोलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए, जो अभी तक जल प्रदाय योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। उन्होंने कहा कि पात्रता के अनुसार ऐसे क्षेत्रों को भी योजना में शामिल किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर ने बैढ़न समूह-2 जल प्रदाय योजना के शेष कार्य नवंबर माह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही जल की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच और सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल मिलता रहे।












