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बढ़े बिजली के बिल, कटौती और स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर जन आक्रोश, कांग्रेस ने उठाए सवाल

सिंगरौली। जिले में बढ़े हुए बिजली बिल, लगातार बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर में अधिक रीडिंग की शिकायतों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली ग्रामीण के महामंत्री धर्मेन्द्र दुबे ने इन समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि उपभोक्ता इन दिनों बिजली व्यवस्था से काफी परेशान हैं और विभाग को तत्काल हस्तक्षेप कर राहत प्रदान करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से उपभोक्ताओं को अत्यधिक बढ़े हुए बिजली बिल मिल रहे हैं, जो वास्तविक खपत से अधिक बताए जा रहे हैं। इससे आम नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई परिवारों को हजारों रुपये के बिल थमा दिए गए हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और ग्रामीण उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि सीमित उपयोग के बावजूद बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है।

धर्मेन्द्र दुबे ने बार-बार हो रही बिजली कटौती को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित होने से आमजन के साथ व्यापारी वर्ग और विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में अनियमित बिजली आपूर्ति से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक यूनिट दर्ज कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को अधिक बिल भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर की तकनीकी जांच कर दोषपूर्ण मीटरों को तत्काल बदला जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।

जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली ग्रामीण की ओर से विद्युत विभाग के समक्ष कई मांगें रखी गई हैं। इनमें बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर संशोधन करना, स्मार्ट मीटर की तकनीकी जांच कर दोषपूर्ण मीटर बदलना, अनावश्यक बिजली कटौती पर नियंत्रण कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष हेल्पलाइन और शिविर आयोजित करना शामिल है।

धर्मेन्द्र दुबे ने कहा कि यदि शीघ्र ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आम जनता के साथ जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

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