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अनंत अंबानी का बड़ा दान: केरल के मंदिरों और हाथियों के कल्याण के लिए 18 करोड़ की पहल

 

मुंबई। Anant Ambani ने केरल के प्रमुख धार्मिक स्थलों और पशु कल्याण को लेकर एक बड़ी पहल करते हुए कुल 18 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की है। Reliance Industries के कार्यकारी निदेशक अंबानी ने अपनी हालिया केरल यात्रा के दौरान मंदिर संरक्षण और हाथियों के कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को समर्थन देने का संकल्प जताया। इस पहल को आध्यात्मिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के संगम के रूप में देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, अंबानी ने उत्तर केरल के कन्नूर जिले के तलिपरंबा स्थित राजराजेश्वरम मंदिर को 3 करोड़ रुपये का दान दिया है। इसके साथ ही मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए अतिरिक्त 12 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस योजना के तहत मंदिर के ऐतिहासिक ईस्ट गोपुरम के पुनर्निर्माण के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं और पार्किंग व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा।

इसके बाद अंबानी ने त्रिशूर जिले में स्थित प्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर में दर्शन कर मंदिर ट्रस्ट को 3 करोड़ रुपये का दान दिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परंपराओं से जुड़े हाथियों के कल्याण के लिए विशेष योजनाओं का भी समर्थन किया। प्रस्तावित योजनाओं में हाथियों के लिए समर्पित अस्पताल, बिना जंजीर वाले आश्रय और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विकास शामिल है।

बताया जा रहा है कि यह पहल अंबानी की वन्यजीव संरक्षण परियोजना वनतारा के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत पशुओं की मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से देखभाल पर जोर दिया जा रहा है।

इस अवसर पर दोनों मंदिरों में अंबानी का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। देवस्वम बोर्ड के अधिकारी और पुजारी मौजूद रहे और उन्होंने इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस पहल से न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण होगा, बल्कि सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रह सकेगी।

अपने संबोधन में अंबानी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराएं केवल पूजा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज, प्रकृति और करुणा को जोड़ने वाली जीवंत संस्थाएं हैं। उन्होंने इन परंपराओं के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल सामाजिक, धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मंदिर संरक्षण के साथ-साथ पशु कल्याण के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

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