विधायक की धर्मपत्नी को आवंटित निगम का प्लॉट निरस्त, उपायुक्त पर जांच

सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली में प्लॉट आवंटन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। निगम आयुक्त ने स्थानीय विधायक की धर्मपत्नी के नाम कथित रूप से नियमों के विरुद्ध आवंटित भूखंड को निरस्त कर दिया है। साथ ही संबंधित उपायुक्त से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की विभागीय जांच बैठा दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 42 बिलौजी क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति कोटे के तहत आवंटित एक प्लॉट निर्धारित समय पर राशि जमा नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद उक्त भूखंड की नीलामी प्रक्रिया के दौरान आरोप है कि राम प्रकाश बैस, जो उस समय उपायुक्त के पद पर थे, ने अचल संपत्ति अंतरण और निविदा नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दबाजी में उक्त प्लॉट विधायक की धर्मपत्नी के नाम आवंटित कर दिया।
प्रतिस्पर्धा न होने से राजस्व को नुकसान
बताया जा रहा है कि इस नीलामी प्रक्रिया में अन्य बोलीदारों की भागीदारी नहीं कराई गई, जिससे प्रतिस्पर्धा नहीं बन सकी। इसके चलते यह अनुमान नहीं लगाया जा सका कि नीलामी में प्लॉट की कीमत और अधिक बढ़ सकती थी, जिससे शासन को संभावित राजस्व हानि हुई।
दो आवेदन छिपाने का आरोप
मामले की जांच में यह भी सामने आया कि नीलामी से संबंधित दो अन्य आवेदनों को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। आरोप है कि इन्हें फाइल से बाहर रखकर पूरी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाई गई।
आयुक्त ने की सख्त कार्रवाई
नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर रिकॉर्ड और पोर्टल की जांच की गई, जिसमें अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद तत्काल प्रभाव से प्लॉट आवंटन निरस्त कर दिया गया।आयुक्त ने संबंधित राजस्व अधिकारी सह उपायुक्त के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और उनसे पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
निगम प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।













