जिला पंचायत सभागार में महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर संवाद, सशक्त भागीदारी पर जोर

सिंगरौली। सिंगरौली में जिला पंचायत सभागार में “सशक्त नारी सशक्त समाज, नारी सम्मान देश का अभिमान” विषय पर पंचायती राज संस्थाओं में महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सम्पतिया उईके और राज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राधा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करना था। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला सरपंच, पंच और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री सम्पतिया उईके ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं तो विकास कार्यों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनकल्याण की भावना अधिक प्रभावी रूप से सामने आती है। उन्होंने महिला प्रतिनिधियों से अपने नेतृत्व कौशल का उपयोग करते हुए पंचायतों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पंचायतों के एक्शन प्लान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और आंगनवाड़ी, सड़क, पेयजल व स्वास्थ्य सेवाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “इंद्रधनुष योजना” और “मुद्रा योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
राज्यमंत्री राधा सिंह ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधि ग्रामीण विकास की वास्तविक ताकत हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से पंचायतें आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
कार्यक्रम में विधायक राम निवास शाह, विधायक राजेन्द्र मेश्राम, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय, कलेक्टर गौरव बैनल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने पंचायतों के समग्र विकास का संकल्प लिया।











