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जंगली हाथियों का कहर: बुजुर्ग दंपती को कुचलकर मार डाला, ग्रामीणों में आक्रोश

विस्थापन और मुआवजे को लेकर प्रशासन पर उठे सवाल, शव उठाने से किया इंकार

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के ग्राम पंचायत गांजर अंतर्गत चिनगी (तिलिया) गांव में रविवार देर रात जंगली हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग दंपती की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया है।

जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान भैयालाल यादव (60 वर्ष) पिता लालमन यादव और उनकी पत्नी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि देर रात गांव के समीप पहुंचे जंगली हाथियों ने दंपती पर हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा केवल वन्यजीव हमले का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है। उनका कहना है कि गांव वन क्षेत्र से प्रभावित है और यहां लंबे समय से हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। इसके बावजूद प्रभावित परिवारों के विस्थापन और सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव के कई परिवारों को विस्थापन योजना का लाभ मिला, लेकिन भैयालाल यादव के परिवार सहित करीब 40 लोगों को अब तक योजना का फायदा नहीं मिल सका। इसी वजह से कई परिवार आज भी हाथियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्थापन और मुआवजे की मांग को लेकर कई बार प्रशासन और एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलने के कारण भी कई परिवार विस्थापन के लिए तैयार नहीं हुए। उल्लेखनीय है कि पूर्व में विस्थापन पैकेज 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति था, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया था।

घटना के बाद ग्रामीणों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, शेष परिवारों के विस्थापन तथा हाथियों के बढ़ते खतरे से सुरक्षा की मांग की है। प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

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