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दिव्यांग कोटे से नौकरी हथियाने वाले 5 शिक्षक बर्खास्त

मेडिकल बोर्ड की जांच में निकले पूरी तरह फिट, तीन साल से उठा रहे थे सरकारी वेतन

 

राजगढ़/भोपाल। दिव्यांग कोटे का कथित तौर पर फर्जी लाभ लेकर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले राजगढ़ जिले के पांच उच्च माध्यमिक शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शिकायत के बाद हुई मेडिकल जांच में सभी शिक्षक सामान्य और पूरी तरह फिट पाए गए। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) आयुक्त ने उनकी नियुक्तियां निरस्त कर सेवा समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।

जानकारी के अनुसार, इन शिक्षकों ने श्रवण बाधित और दृष्टिबाधित होने का दावा करते हुए दिव्यांग आरक्षण के तहत सरकारी नौकरी हासिल की थी। नियुक्ति के दौरान प्रस्तुत किए गए दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों के आधार पर उन्हें चयनित किया गया था। बाद में प्रमाण-पत्रों की सत्यता पर सवाल उठने के बाद मामले की जांच शुरू हुई।

जिला स्तर से मामला भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड को भेजा गया। बोर्ड की चिकित्सकीय जांच में पांचों शिक्षक दिव्यांगता के दावे के विपरीत शारीरिक रूप से सामान्य और पूरी तरह फिट पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने नियुक्तियां समाप्त करने की कार्रवाई की।

बताया गया है कि संबंधित शिक्षक करीब तीन वर्षों से सरकारी सेवा में कार्यरत थे और इस दौरान उन्हें नियमित वेतन भी मिलता रहा। इससे पहले जून 2023 में भी राजगढ़ जिले में इसी तरह दिव्यांग कोटे का कथित फर्जी लाभ लेने वाले पांच शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है।

शिक्षा विभाग अब ऐसे मामलों में अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों का क्रॉस-वेरिफिकेशन कराने की तैयारी में है। जिला शिक्षा अधिकारी सावन पाटीदार के मुताबिक, भविष्य में प्रमाण-पत्रों के सत्यापन और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी किए बिना नियुक्ति नहीं दी जाएगी।

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