इंदौर में सफाईकर्मियों की हड़ताल से बिगड़ी शहर की सफाई व्यवस्था
दो दिन से कचरा उठाव प्रभावित, आठ हजार से अधिक कर्मचारी मांगों को लेकर आंदोलन पर

इंदौर। देश की स्वच्छता रैंकिंग में अपनी पहचान बना चुके इंदौर में सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। नियमितिकरण समेत अन्य मांगों को लेकर नगर निगम के आठ हजार से अधिक सफाईकर्मी मंगलवार को लगातार दूसरे दिन काम पर नहीं पहुंचे। इसके चलते कई वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण और सड़कों की सफाई का काम प्रभावित रहा।
कचरा संग्रहण वाहन कई इलाकों में नहीं पहुंचने से लोगों को घरों में ही कचरा रोककर रखना पड़ा। पहले से कचरा जमा वाले क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ गई। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जगह-जगह कचरा दिखाई देने लगा। सराफा, सीतलामाता बाजार और खजूरी बाजार सहित कई व्यस्त इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।
मंगलवार को बड़ी संख्या में सफाईकर्मी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार के पास धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। बातचीत के लिए अपर आयुक्त प्रखर सिंह पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने निगमायुक्त से चर्चा की मांग की। करीब चार घंटे के इंतजार के बाद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों का ज्ञापन लिया।
निगमायुक्त ने बताया कि नियमितिकरण समेत नीतिगत मांगों को शासन स्तर पर भेजा जा चुका है और इन पर निर्णय शासन को लेना है। उन्होंने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की। निगम की ओर से यह भी बताया गया कि काम से हटाए गए 44 कर्मचारियों को बहाल किया जा चुका है।
इधर, कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से मांगों पर विचार किए जाने का पत्र मिला है, लेकिन उन्होंने इसे हड़ताल समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं माना। कर्मचारियों ने बुधवार को भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है। ऐसे में लगातार तीसरे दिन कचरा उठाव प्रभावित होने पर शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर चुनौती और बढ़ सकती है।













