सीआईएसएफ अग्निशमन शाखा ने एनटीपीसी सिंगरौली में मनाया राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह, जागरूकता पर रहा विशेष जोर

सिंगरौली । केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की अग्निशमन शाखा द्वारा एनटीपीसी लिमिटेड सिंगरौली में 14 से 20 अप्रैल तक राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह का सफल एवं व्यापक आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा जागरूक समाज – आग की रोकथाम हेतु सामूहिक प्रयास” रखा गया था।
सप्ताह भर चले इस अभियान के दौरान विभिन्न प्रशिक्षण सत्र, अग्नि सुरक्षा प्रदर्शन, मॉक ड्रिल, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। एनटीपीसी के प्रशासनिक भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

इसी क्रम में शक्तिनगर स्थित संजीवनी अस्पताल में भी सीआईएसएफ की टीम द्वारा अग्नि सुरक्षा पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें अस्पताल स्टाफ को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय, अग्निशामक यंत्रों का उपयोग और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
20 अप्रैल को कर्मचारी विकास केंद्र में समापन समारोह आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सी.एच. किशोर कुमार (महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण) और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रज्ञा नायक (अध्यक्षा, वनिता समाज) मौजूद रहीं। इस अवसर पर रश्मिरंजन मोहंती (महाप्रबंधक, प्रोजेक्ट), तरुण दत्ता (सहायक कमांडेंट, अग्नि, सीआईएसएफ), सिद्धार्थ मंडल (अपर महाप्रबंधक, मानव संसाधन) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समारोह में सीआईएसएफ जवानों द्वारा अग्नि सुरक्षा पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने लोगों को सरल तरीके से जागरूक किया। साथ ही सप्ताह भर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। वहीं सहायक कमांडेंट तरुण दत्ता ने कहा कि अग्नि सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है और जागरूकता व प्रशिक्षण से ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।पूरे सप्ताह के इस आयोजन ने न केवल कर्मचारियों, बल्कि उनके परिवारों और समाज के विभिन्न वर्गों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।













