जनगणना कार्य हेतु जिले में लोकसेवकों के अवकाश प्रतिबंधित, मुख्यालय छोड़ने पर रहेगी रोक कलेक्टर ने जारी किया ओदश

सिंगरौली – जनगणना-2027 के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु जनगणना अधिनियम 1948 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर श्री गौरव बैनल द्वारा जिले में कार्यरत समस्त लोकसेवकों के सभी प्रकार के अवकाश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार न्याय विभाग, पुलिस और होमगार्ड को छोड़कर जिले के अन्य सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक संवर्ग के लोकसेवक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जनगणना के प्रथम चरण (01 मई से 30 मई 2026) में अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय पर ही निवास करेंगे। विशेष परिस्थितियों में मुख्यालय छोड़ने के लिए अपर कलेक्टर सिंगरौली की लिखित अनुमति आवश्यक होगी और चार्ज जनगणना अधिकारी (तहसीलदार एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी) द्वारा बुलाए जाने पर संबंधित लोकसेवक को तत्काल निर्दिष्ट स्थान पर उपस्थिति देनी होगी।
चिकित्सा कारणों से अवकाश लेने की प्रक्रिया को भी अत्यंत कड़ा बनाया गया है। अब लोकसेवकों को जिला मेडिकल बोर्ड का प्रमाण-पत्र अपने नियंत्रणकर्ता अधिकारी के माध्यम से अपर कलेक्टर को प्रस्तुत करना होगा, जहाँ से स्वीकृति मिलने के उपरांत ही अवकाश मान्य होगा। इस प्रक्रिया में नियंत्रणकर्ता अधिकारी को कर्मचारी के सेवाकाल का विवरण और पूर्व में निर्वाचन या जनगणना ड्यूटी के दौरान लिए गए अवकाशों की जानकारी भी देनी होगी। यदि यह पाया जाता है कि संबंधित लोकसेवक महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों के समय बार-बार अवकाश ले रहा है, तो शासन के नियमानुसार उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। साथ ही, जिले के समस्त विभाग प्रमुखों को भी मुख्यालय छोड़ने से पूर्व कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।













