ग्राम पंचायत जमुआ नंबर 2 में उड़ रही पंचायत अधिनियम की धज्जियां…

ग्राम पंचायत जमुआ नंबर 2 में उड़ रही पंचायत अधिनियम की धज्जियां…
ग्रामीण एवं पंचों को नहीं दी जाती कोई जानकारी, ग्राम सभा में जताया असंतोष…
पंचों ने आवेदन देकर मांगा जानकारी…
संजय सिंह मझौली
सीधी: जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुआ नंबर 02 में ग्राम स्वराज अधिनियम एवं पंचायत अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिसके संबंध में पंचों एवं ग्रामीणों ने ग्राम सभा में असंतोष जताते हुए जानकारी के लिए सचिव के पास लिखित आवेदन दिया है।
पंच एवं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ना तो मासिक बैठक ली जाती है और ना ही ग्राम सभा में पूरी जानकारी दी जाती है और ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर काम भी नहीं हो रहे हैं सरपंच सचिव मनमानी पूर्वक काम कर रहे हैं ऐसे में उन्हें ग्राम पंचायत के निर्माण कार्य एवं भुगतान संबंधी जानकारी के लिए आवेदन देना पड़ता है जबकि ग्राम पंचायत अधिनियम में स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी काम पारदर्शिता के साथ किया जाए जिसमें पंचों के प्रस्ताव एवं ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर ही कार्य कराए जाएं।

मूलभूत सुविधा के लिए परेशान हो रहे लोग
ग्रामीणों की माने तो ग्राम विकास एवं मूलभूत सुविधा के लिए आई राशि को फर्जीबाड़ा के तहत डकार लिया जाता है।यही कारण है कि ग्राम पंचायत में ग्रामीण मूलभूत सुविधा के लिए परेशान हो रहे हैं। कहीं बिजली नहीं है तो कहीं सड़क नहीं है, कहीं पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इन सब समस्याओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष होना स्वाभाविक है।
पंचायत भवन सौंदर्यीकरण एवं खेल मैदान के कार्य पर उठे सवाल
ग्रामीण एवं पंचों ने ग्राम पंचायत के सौंदर्यीकरण के नाम पर 3.85 लाख रुपए खर्च किए जाने पर सवाल उठाया है कि महज खाना पूर्ति के नाम पर छत का मरम्मत कराया गया है लेकिन उसमें भी बरसात का पानी टपक रहा है और राशि को बंदर बांट कर लिया गया। इसी तरह शासकीय प्राथमिक शाला करौंदहा टोला में खेल मैदान के नाम पर 3.43 लाख रुपए खर्च किए गए हैं लेकिन वहां खेल मैदान है ही नहीं सिर्फ विद्यालय परिसर में मुरूम डालकर समतल कर दिया गया है और पूरी राशि डकार ली गई है जिसकी जांच की मांग की गई है।
मनरेगा योजना में लगाया गया पलीता
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की नदी सफाई के नाम पर 4.80 लाख रुपए आहरण किए गए हैं जबकि मात्र 60 घंटा जेसीबी मशीन से कार्य कराया गया है जिसमें एक भी मजदूर काम नहीं किए हैं जबकि जरूरतमंद बेरोजगार रोजगार के लिए भटक रहे हैं।इसी तरह पोखरी तालाब पंचायत भवन के पास जीणोद्धार एवं गधाई पोखरी तालाब जीणोद्धार के नाम पर लगभग 15 लाख रुपए फर्जी मस्टर रोल के जरिए आहरण किया गया है जबकि दोनों कामों में महज 100 घंटे जेसीबी मशीन चली होगी। मजदूर एक भी काम नहीं किए हैं।
फर्जी बिल वाउचर के जरिए ठिकाने लगी है पंचायत मद की राशि
इसी तरह ग्राम विकास के लिए 15वां वित्त,पांचवा वित्त एवं अन्य मद की राशि को फर्जी बिल वाउचर के जरिए ठिकाने लगाया गया है।अगर जांच टीम द्वारा पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी तो लाखों का घोटाला उजागर होगा।
इनका कहना
ग्राम पंचायत में मनमानी का आलम है सरपंच सचिव द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जाती है मनमानी काम करा कर भुगतान किए जाते हैं जिसके लिए हम पंचों को जानकारी के लिए आवेदन देना पड़ रहा है।मनरेगा योजना में एवं पंचायत मद की राशि में भारी घोटाला किया गया है।
राजमणि द्विवेदी पंच
ग्राम स्वराज एवं पंचायत अधिनियम के तहत कार्यवाही हो तो सवाल क्यों खड़े होते।पंचों में एवं ग्रामीणों में असंतोष है पारदर्शी तरीके से कोई काम नहीं होते हैं।
महेंद्र तिवारी पंच
पंचों को कोई जानकारी नहीं दी जाती है अगर कभी मीटिंग भी हुई तो सचिव हस्ताक्षर करा लेते हैं और जानकारी मांगने पर टालमटोल कर देते हैं।
दिलीप गुप्ता पंच
पंच ग्राम पंचायत के अंग हैं उनकी उपेक्षा नहीं होनी चाहिए एक बार गलती सुधारने का मौका दिया जाए आगे ऐसी स्थिति नहीं आएगी। ग्राम सभा में कार्यों का मौखिक वाचन किया गया है आगे पंचों को रिकॉर्ड भी दिखाया जाएगा जिसके लिए आवेदन भी आया है तो जानकारी भी देंगे।
सूरज सिंह सचिव
खेत तालाब के कार्य हितग्राही अपने से करा रहे हैं चाहे वह मशीन से कराएं या मजदूरों से हमें कोई मतलब नहीं है। जिनका नाम बताए हैं उन्हीं का मस्टर जारी कर देते हैं। तालाबों के जीणोद्धार के काम भी कराए गए हैं।
राज राखन गुप्ता रोजगार सहायक













