बंगाल में हार के बाद अभिषेक बनर्जी का बड़ा बयान, बोले- लोकतंत्र और लोगों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद Abhishek Banerjee ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव बाद की हिंसा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा कि पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee के नेतृत्व में लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी लंबे संदेश में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान करीब 30 लाख वास्तविक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर कर दिए गए। उन्होंने दावा किया कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत निर्वाचन आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण दिखाई दिया, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया पर उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मतगणना से लेकर ईवीएम के रखरखाव और कंट्रोल यूनिट के मेल न खाने जैसी कई घटनाओं ने जनता के मन में संदेह पैदा किया है। उन्होंने मतगणना केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और वीवीपैट पर्चियों की पारदर्शी गिनती कराने की मांग दोहराई।
उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब चुनावी संस्थाओं पर जनता का भरोसा कायम रहे, लेकिन हालिया घटनाओं ने इस विश्वास को कमजोर किया है।
चुनाव बाद हिंसा और कार्यकर्ताओं को धमकी का आरोप
टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी कार्यालयों पर हमले हुए, कार्यकर्ताओं को धमकाया गया और कई समर्थकों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता को अपनी सुरक्षा और राजनीतिक विचारधारा में से किसी एक को चुनने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस हर उस कार्यकर्ता और समर्थक के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी, जिसने कथित तौर पर “दागदार चुनावी व्यवस्था” के खिलाफ संघर्ष किया।
समर्थकों से की एकजुट रहने की अपील
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संयम बनाए रखने और एकजुट रहने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि किसी को चुनाव बाद हिंसा, धमकी या उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है, तो वे सीधे उनसे संपर्क करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस दिल्ली और पश्चिम बंगाल दोनों जगह एक मजबूत और मुखर विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।













