जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही: ट्रॉमा सेंटर में कबाड़ बन रहे 2 करोड़ के वेंटिलेटर
मरीज हो रहे रेफर, धूल खा रहे जीवन रक्षक उपकरण; वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप

सिंगरौली। जिला अस्पताल स्थित शाह ट्रॉमा सेंटर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को सामने आए एक वीडियो में करोड़ों रुपये कीमत के जीवन रक्षक उपकरण अव्यवस्थित और कबाड़ जैसी हालत में पड़े दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार ट्रॉमा सेंटर के भीतर करीब 15 वेंटिलेटर और कई बेड धूल फांकते हुए पाए गए। कुछ बेड में जंग तक लग चुकी है। बताया जा रहा है कि इन वेंटिलेटरों की कीमत करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये के बीच है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक एक वेंटिलेटर की अनुमानित कीमत 8 से 15 लाख रुपये तक होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के नाम पर वाराणसी और अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर किया जाता है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल परिसर में ही जीवन बचाने वाले महत्वपूर्ण उपकरण अनुपयोगी हालत में पड़े हैं। इससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले पर जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे वेंटिलेटर और बेड कोविड काल के दौरान अस्पताल को मिले थे। वर्तमान में उनका उपयोग नहीं हो रहा है, इसलिए उन्हें एक स्थान पर रखा गया था। हालांकि उन्होंने माना कि स्टाफ द्वारा उपकरणों को व्यवस्थित ढंग से नहीं रखा गया और यह लापरवाही की श्रेणी में आने वाली चूक है।
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब लोगों की मांग है कि करोड़ों रुपये के उपकरणों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि मरीजों को जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके।













