एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव में सोशल मीडिया बना सबसे बड़ा हथियार, देर रात तक चला प्रचार

जबलपुर। Madhya Pradesh State Bar Council चुनाव में इस बार सोशल मीडिया प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया। मतदान से एक दिन पहले तक प्रत्याशियों ने फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जमकर प्रचार किया। देर रात तक चुनावी संदेश, वीडियो अपील और समर्थन जुटाने का सिलसिला चलता रहा।
मंगलवार 12 मई को होने वाले चुनाव को लेकर अधिवक्ता समुदाय में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 23 सदस्यों के चयन के लिए कुल 122 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 98 पुरुष और 24 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। इस बार पारंपरिक जनसंपर्क की तुलना में डिजिटल प्रचार अधिक प्रभावी नजर आया।
प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपने विजन, योजनाएं और अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में पोस्टर, वीडियो और अपील लगातार वायरल होती रहीं। कई उम्मीदवार लाइव आकर अधिवक्ताओं से समर्थन मांगते नजर आए, जबकि कुछ ने अपने अनुभव और कार्यों को डिजिटल मंच पर साझा किया।
प्रदेशभर में फैले अधिवक्ताओं तक कम समय में पहुंचने के लिए सोशल मीडिया सबसे कारगर माध्यम साबित हुआ। खासकर युवा अधिवक्ताओं को जोड़ने के लिए ऑनलाइन संवाद, व्यक्तिगत मैसेज और वीडियो कैंपेन का व्यापक उपयोग किया गया।
निर्वाचन अधिकारियों ने आचार संहिता के पालन के निर्देश जारी करते हुए मतदान केंद्रों के आसपास प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। चुनाव के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। प्रदेशभर में 250 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 87 हजार से अधिक अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
इस चुनाव में डिजिटल प्रचार की बढ़ती भूमिका ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अधिवक्ता राजनीति भी अब तेजी से तकनीक आधारित चुनावी संस्कृति की ओर बढ़ रही है।













