NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द, 45 लोग जांच के घेरे में; NTA ने री-एग्जाम का किया ऐलान

नई दिल्ली/सीकर। National Testing Agency द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में जांच एजेंसियों ने अब तक 45 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इनमें राजस्थान Special Operations Group Rajasthan द्वारा पकड़े गए 13 संदिग्ध भी शामिल हैं। जांच में मनीष यादव और अविनाश लांबा के नाम सामने आए हैं।
एनटीए ने छात्रों के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को इसके लिए नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और 3 मई को आयोजित परीक्षा में शामिल छात्रों की फीस भी वापस की जाएगी। साथ ही परीक्षा केंद्रों में बदलाव नहीं होगा, हालांकि री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
जांच में राजस्थान के सीकर से जुड़े ‘गेस पेपर’ का बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि परीक्षा से दो दिन पहले छात्रों तक एक हस्तलिखित क्वेश्चन बैंक पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे एमबीबीएस छात्र ने 1 मई को अपने सीकर निवासी मित्र को यह गेस पेपर भेजा था। इसमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के 300 से अधिक प्रश्न शामिल थे, जिनमें से करीब 150 प्रश्न मुख्य परीक्षा से मेल खाते पाए गए।
राजस्थान एसओजी ने देहरादून, सीकर और झुंझुनू में कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान का करियर काउंसलर भी शामिल बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया चैट और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क और मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2024 में भी नीट परीक्षा पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर विवादों में रही थी। उस समय बिहार और झारखंड में गिरफ्तारियां हुई थीं तथा मामला Supreme Court of India तक पहुंचा था।
एनटीए ने कहा है कि जांच एजेंसियों से मिले तथ्यों के आधार पर मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना संभव नहीं था। नई परीक्षा तिथि जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।













