सिंगरौली विकास को देंगे नई दिशा, विस्थापित परिवारों की समस्याओं का होगा समाधान : वीरेंद्र गोयल
पदभार ग्रहण के बाद मीडिया से बोले विकास प्राधिकरण अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं के स्वागत से हुए अभिभूत

सिंगरौली। सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता जनार्दन द्वारा मिला आत्मीय स्वागत उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्साह यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और आम लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला तथा जगह-जगह फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया।
वीरेंद्र गोयल ने विशेष रूप से मोरवा शहर में निकाली गई पदयात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर आत्मीयता के साथ स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जिससे उन्हें जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का एहसास हुआ है।
नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि उनका लक्ष्य सिंगरौली के विकास को नई दिशा देना और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर भी प्राथमिकता के साथ काम किया जाएगा।
मोरवा क्षेत्र में एनसीएल द्वारा किए जा रहे अधिग्रहण का उल्लेख करते हुए वीरेंद्र गोयल ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण और विस्थापन की प्रक्रिया के दौरान प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए ठोस योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, मूलभूत सुविधाओं और उनके अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा।
वीरेंद्र गोयल ने विकास प्राधिकरण अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सिंगरौली के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शहडोल और रीवा में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम से लौटने के बाद विकास कार्यों की नई रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही पिछले कार्यकाल के अधूरे पड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा नए विकास कार्यों पर भी विशेष फोकस किया जाएगा ताकि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।













