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हेलमेट जागरूकता को गीत में पिरोकर सिंगरौली पुलिस ने दिया जीवन सुरक्षा का संदेश

सिंगरौली। सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए सिंगरौली पुलिस लगातार नवाचारपूर्ण और संवेदनशील प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में प्रधान आरक्षक आशीष बागरी द्वारा तैयार किया गया हेलमेट जागरूकता गीत लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह गीत सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ रहा है।
गीत की पंक्तियाँ—
“सिंगरौली में हम सब रहते हैं, रहते हैं
सिर की सुरक्षा की खातिर, सबसे ये कहते हैं…”
सरल और सहज भाषा में यह संदेश देती हैं कि हेलमेट पहनना केवल यातायात नियम का पालन नहीं, बल्कि अपने जीवन और परिवार की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी है। गीत में जागरूकता को आदेश या चेतावनी की तरह नहीं, बल्कि अपनापन और संवेदना के साथ प्रस्तुत किया गया है।
गीत की एक अन्य पंक्ति—
“राहों में जल्दी कैसी, घर भी तो जाना है
माँ की आँखों में हर पल, मुस्कुराहट लाना है…”
वाहन चालकों को यह एहसास कराती है कि सड़क पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियाँ छीन सकती है। यही कारण है कि यह गीत आमजन के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

सिंगरौली पुलिस की यह पहल इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें जागरूकता को गीत, भावना और स्थानीय जुड़ाव के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। यह आधुनिक पुलिसिंग का मानवीय चेहरा भी सामने लाती है, जिसमें कानून के साथ संवाद, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रधान आरक्षक आशीष बागरी इससे पहले भी साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति और यातायात जागरूकता जैसे विषयों पर रचनात्मक सामग्री तैयार कर चुके हैं। उनके प्रयासों ने सिंगरौली पुलिस की जन-जागरूकता मुहिम को सोशल मीडिया और आमजन के बीच नई पहचान दिलाई है।
सिंगरौली पुलिस ने इस गीत के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि—
“हेलमेट बोझ नहीं, जीवन की सुरक्षा है;
घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।”

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