भारत से पाकिस्तान तक पहुंचा “कॉकरोच” डिजिटल ट्रेंड
सोशल मीडिया पर “कॉकरोच अवामी पार्टी” और “कॉकरोच अवामी लीग” बने चर्चा का विषय

नई दिल्ली। भारत में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ “कॉकरोच जनता पार्टी” ट्रेंड अब पाकिस्तान तक पहुंच गया है। वहां अब “कॉकरोच अवामी पार्टी” और “कॉकरोच अवामी लीग” जैसे सोशल मीडिया पेज तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इन पेजों को भारतीय “कॉकरोच जनता पार्टी” से प्रेरित बताया जा रहा है, जो युवाओं की राजनीतिक नाराजगी और व्यवस्था विरोधी भावना को व्यंग्यात्मक अंदाज में सामने ला रहे हैं।
इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कई पाकिस्तानी पेजों ने खुद को भारत की “कॉकरोच जनता पार्टी” का पाकिस्तानी संस्करण बताया है। कुछ पेजों ने “Different Borders, Same Generation” जैसे नारे भी अपनाए हैं, जो दोनों देशों के युवाओं की समान सोच और असंतोष को दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत में ऐसे शुरू हुआ ट्रेंड
भारत में “कॉकरोच जनता पार्टी” यानी CJP का ट्रेंड उस समय चर्चा में आया जब Surya Kant से जुड़ी एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कथित तौर पर बेरोजगार और आंदोलनकारी युवाओं को “कॉकरोच” और “पैरासाइट” कहे जाने को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई थी। हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी सभी बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं थी।
इसके बाद अमेरिका में रहने वाले जनसंपर्क स्नातक और Aam Aadmi Party के पूर्व सहयोगी Abhijeet Dipke ने 16 मई को सोशल मीडिया के जरिए “कॉकरोच जनता पार्टी” अभियान शुरू किया। गूगल फॉर्म के जरिए सदस्यता अभियान भी चलाया गया, जिसके बाद यह ट्रेंड तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ी लोकप्रियता
रिपोर्टों के अनुसार “कॉकरोच जनता पार्टी” का इंस्टाग्राम पेज कुछ ही दिनों में बेहद लोकप्रिय हो गया और बड़े राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया खातों से भी ज्यादा चर्चा में आने लगा। बाद में इसका एक्स अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया, लेकिन इसके बाद नए हैंडल से “You thought you can get rid of us? Lol” जैसे संदेश पोस्ट किए गए, जिससे यह ट्रेंड और तेजी से फैल गया।
पाकिस्तान में नए रूप में उभरा ट्रेंड
अब यही डिजिटल व्यंग्य पाकिस्तान में “कॉकरोच अवामी पार्टी” और “कॉकरोच अवामी लीग” के रूप में सामने आ रहा है। कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया पेज खुद को “हर जेनरेशन जेड की आवाज” बता रहे हैं। कुछ पेजों ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय रंगों से मेल खाते हरे-सफेद रंग की ब्रांडिंग भी अपनाई है।
एक हैंडल ने लिखा, “जिन्हें सिस्टम ने कॉकरोच समझा, हम उन्हीं अवाम की आवाज हैं।” वहीं दूसरे पेज ने “हर हालात में जिंदा हैं” जैसा नारा इस्तेमाल किया है। इन पोस्टों को पाकिस्तान के युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, राजनीतिक असंतोष और व्यवस्था विरोधी भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
डिजिटल व्यंग्य बन रहा नई राजनीतिक भाषा
राजनीतिक और सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड पारंपरिक राजनीति से निराश युवाओं की डिजिटल अभिव्यक्ति बनता जा रहा है। अब सोशल मीडिया आधारित व्यंग्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि राजनीतिक संवाद और जनमत निर्माण का हिस्सा भी बनता जा रहा है।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि ऐसे ट्रेंड कई बार गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को मजाक में बदल देते हैं, जिससे वास्तविक समस्याओं पर गंभीर बहस प्रभावित हो सकती है। वहीं समर्थकों का मानना है कि यह नई पीढ़ी की डिजिटल भाषा है, जिसके जरिए वे व्यवस्था के प्रति अपनी नाराजगी और व्यंग्य जाहिर कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब इंटरनेट आधारित कोई व्यंग्य अभियान सीमाओं को पार कर दूसरे देश तक पहुंचा हो, लेकिन “कॉकरोच” ट्रेंड ने जिस तेजी से लोकप्रियता हासिल की है, उसने डिजिटल राजनीति और ऑनलाइन व्यंग्य की नई ताकत को उजागर कर दिया है।













