‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, पुलिस सुरक्षा और साइबर अलर्ट जारी

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक पेज के रूप में शुरू हुई “Cockroach Janta Party (CJP)” अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। कुछ ही दिनों में यह ऑनलाइन अभियान राजनीति, पुलिस कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट और साइबर अपराध तक पहुंच गया है। देश के कई राज्यों में इसके समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं, जबकि कानूनी और राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।
हाल ही में CJP के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर जयपुर का एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें युवक-युवतियां “कॉकरोच” की वेशभूषा पहनकर भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए। इससे पहले भुवनेश्वर में भी युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में देरी के विरोध में इसी प्रतीक का इस्तेमाल किया था। बताया जा रहा है कि CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” और “पैरासाइट” शब्दों के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि टिप्पणी फर्जी डिग्रीधारियों के संदर्भ में थी, लेकिन इसके बाद “Cockroach Janta Party” तेजी से वायरल हो गई।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के घर के बाहर पुलिस तैनात की गई है। दिपके ने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने की कोशिश हुई, जबकि एक्स अकाउंट भारत में सीमित कर दिया गया।
मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अधिवक्ता राजा चौधरी ने CJP के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर की है। वहीं पंजाब पुलिस ने व्हाट्सएप पर “CJP में शामिल होने” के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी लिंक से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कुछ नेताओं ने इसे विदेशी प्रभाव से जुड़ा अभियान बताया है, जबकि कई लोग इसे युवाओं की नाराजगी और डिजिटल अभिव्यक्ति का नया रूप मान रहे हैं। फिलहाल “कॉकरोच जनता पार्टी” सोशल मीडिया ट्रेंड से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन चुकी है।













