सिंगरौली महोत्सव में लोक संस्कृति और कविता का रंग
स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, कवि सम्मेलन बना आकर्षण का केंद्र

सिंगरौली। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित “सिंगरौली महोत्सव एवं नगर गौरव दिवस 2026” में शनिवार को सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों की शानदार छटा देखने को मिली। महोत्सव के मंच पर जिले की स्थानीय प्रतिभाओं ने अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। लोकगीत, शास्त्रीय संगीत, पारंपरिक नृत्य और कवि सम्मेलन ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत अशोक पाण्डेय के गीत “आपन सिंगरौली की भूईंयां” से हुई, जिसमें क्षेत्रीय संस्कृति और गौरव की झलक दिखाई दी। वहीं कविता कुमारी ने बेटियों पर आधारित भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को भावुक कर दिया। दीपिका विश्वास ने शास्त्रीय नृत्य और समृद्धि वर्मा ने राजस्थानी घूमर नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
कर्मा नृत्य और लोकगीतों ने जीता दिल
पारंपरिक लोक कला की प्रस्तुति देते हुए रजनीश एवं दल ने कर्मा नृत्य “लिये रथ चलें हैं जटायु” प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। सौरभ बनौधा के बांसुरी वादन, मणिका पाण्डेय के शास्त्रीय संगीत तथा सृजन मिश्रा और मान्या पाण्डेय के लोकगीतों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिए। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सैला नृत्य, कत्थक और सुगम संगीत ने सिंगरौली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन बना आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के साहित्यिक सत्र में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। पद्मश्री सुरेन्द्र शर्मा ने अपनी हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब हंसाया, जबकि डॉ. कविता तिवारी ने वीर रस की रचनाओं से जोश भर दिया। व्यंग्यकार सुदीप भोला ने समसामयिक मुद्दों पर तीखे व्यंग्य प्रस्तुत किए। इसके अलावा डॉ. रुचि चतुर्वेदी, गौरव चौहान और डॉ. रामकिशोर विप्लव ने भी अपनी काव्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
कार्यक्रम में विधायक रामनिवास शाह, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष सुंदर लाल शाह, पूर्व प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, अपर कलेक्टर पीएस त्रिपाठी, विधायक प्रतिनिधि अरविंद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आमजन मौजूद रहे।













