सिंगरौली में नूरी रुयत-ए-हिलाल कमेटी का गठन, चांद दिखने को लेकर मतभेद खत्म करने पर जोर
सिंगरौली। जिले के वैढ़न स्थित मदरसा जामिया नूरिया अहले सुन्नत वल जमाअत में गुरुवार को नूरी रुयत-ए-हिलाल कमेटी (चांद देखने संबंधी समिति) के गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अंजुमन मुस्तफाई अहले सुन्नत वल जमाअत वैढ़न के सदर शहनवाज खान ने की।
बैठक में वैढ़न, विंध्यनगर, जयंत, अमलोरी, हिर्रवाह, करोती, गोभा, तेलदह और गड़ेरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों की मस्जिदों के इमाम, उलेमा-ए-किराम और धार्मिक विद्वान शामिल हुए। सर्वसम्मति से नूरी रुयत-ए-हिलाल कमेटी के गठन को अंतिम रूप दिया गया तथा इसके उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि कमेटी का मुख्य उद्देश्य चांद दिखने (रुयत-ए-हिलाल) के अवसर पर उत्पन्न होने वाले मतभेदों और भ्रम की स्थिति को समाप्त करना तथा आपसी समन्वय और विश्वसनीय गवाही के आधार पर समाज को सही जानकारी उपलब्ध कराना है। साथ ही कौम में एकता, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मौजूद उलेमा ने मुस्लिम समाज को सामाजिक बुराइयों से बचाने, धार्मिक विद्वानों के सम्मान की रक्षा करने तथा समाज विरोधी गतिविधियों के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प भी लिया।बैठक की जानकारी जामा मस्जिद वैढ़न के सचिव मुजीब खान ने देते हुए बताया कि नूरी रुयत-ए-हिलाल कमेटी भविष्य में चांद दिखने से जुड़े मामलों में समन्वित और प्रमाणिक निर्णय सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी।












