तेल कंपनियों को राहत: पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती कर तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है। सरकार द्वारा 30 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार नई दरें 1 जून से लागू होंगी। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को देखते हुए लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। वहीं डीजल पर 13.50 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर 9.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बेहतर बनी रहेगी।
हालांकि, 31 मई को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। इसके बावजूद मई महीने के दौरान ईंधन की कीमतों में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुकी है। हैदराबाद और कोलकाता जैसे महानगरों में उपभोक्ताओं को ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है एक्सपोर्ट ड्यूटी?
एक्सपोर्ट ड्यूटी या निर्यात शुल्क वह कर है, जो सरकार किसी उत्पाद को विदेश भेजने पर लगाती है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखना और निर्यात गतिविधियों को नियंत्रित करना होता है। सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और घरेलू जरूरतों के आधार पर इसकी दरों में बदलाव करती है।













