ग्राम खैराही के अगरियान टोले में नदी-नाले का नहीं, हैंडपंप और नलकूप के साफ पानी का हो रहा इस्तेमाल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया ग्राम खैराही का निरीक्षण

सिंगरौली / मीडिया संस्थान ‘एनडीटीवी’ पर ग्राम पंचायत खैराही के अगरियान टोले में पेयजल संकट को लेकर प्रकाशित समाचार को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर श्री गौरव बैनल के सख्त निर्देशन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने आज मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का गहन जमीनी निरीक्षण किया। इस जांच दल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री त्रिलोक सिंह वरकड़े, सहायक यंत्री, उप यंत्री, विभागीय तकनीशियन सहित स्थानीय सरपंच, सचिव और ग्राम सेवक मुख्य रूप से शामिल रहे। संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि 2,340 की कुल आबादी वाली ग्राम पंचायत खैराही में कुल 15 शासकीय हैंडपंप स्थापित हैं, जिनमें से 13 हैंडपंप पूरी तरह चालू हालत में हैं और सुचारू रूप से पानी दे रहे हैं, जबकि केवल दो हैंडपंप स्थायी रूप से बंद पाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान खबर में उल्लेखित 15 से 20 घरों वाले अगरियान टोले की वास्तविक स्थिति भ्रामक दावों से बिल्कुल विपरीत मिली।
जांच टीम ने पाया कि टोले के प्रत्येक घर में 40 से 50 फीट गहराई के निजी नलकूप उपलब्ध हैं, जिनमें भीषण गर्मी के बावजूद वर्तमान में भी 20 से 30 फीट तक पर्याप्त जलस्तर मौजूद है। इसके साथ ही इस विशेष टोले में स्थापित दो शासकीय हैंडपंपों में से एक हैंडपंप स्थायी रूप से बंद है, जबकि दूसरा हैंडपंप पूरी तरह चालू अवस्था में है, जिससे पूरे मोहल्ले के लोग नियमित रूप से शुद्ध पेयजल प्राप्त कर रहे हैं। खबर में पेयजल संकट की शिकायत करने वाले ग्रामीण श्री अजीत कुमार अगरिया के घर की जांच करने पर सामने आया कि उनके घर पर स्वयं का निजी नलकूप (बोरवेल) लगा हुआ है, जिससे वे मोटर पंप के जरिए आसानी से पानी प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा उनके घर से मात्र 60 से 70 मीटर की दूरी पर श्री रामाधार जायसवाल के घर के पास भी एक अन्य शासकीय हैंडपंप पूरी तरह चालू पाया गया, जिसका उपयोग पूरा मोहल्ला कर रहा है। प्रशासनिक दल ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए मौके पर ही पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए जल के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अगरियान टोले के हर एक घर का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और स्थानीय निवासियों से सीधा जनसंवाद कर पेयजल की उपलब्धता जानी।
बातचीत के दौरान सभी मोहल्ले वासियों ने स्पष्ट और सर्वसम्मति से बताया कि वे अपनी पानी की दैनिक आवश्यकताओं के लिए केवल अपने निजी कुओं, निजी नलकूपों और शासकीय हैंडपंपों के सुरक्षित पानी का ही उपयोग कर रहे हैं। टोले के किसी भी नागरिक द्वारा पेयजल के लिए नदी अथवा नाले के पानी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में पेयजल का कोई संकट नहीं है और भ्रामक खबरों के विपरीत ग्रामीणों को सुचारू रूप से सुरक्षित पानी मिल रहा है।













