एनटीपीसी की 100 एकड़ से अधिक जमीन पर अतिक्रमण के आरोप
तेलगवां बॉर्डर क्षेत्र में बन रहे अस्थायी ढांचे, एनटीपीसी प्रबंधन करायेगा जांच

सिंगरौली। जिले में सार्वजनिक उपक्रमों की जमीनों पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला एनटीपीसी की भूमि से जुड़ा है, जहां कंपनी की खाली पड़ी जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जे किए जाने के आरोप सामने आए हैं। बुधवार को एक वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि तेलगवां बॉर्डर के आसपास एनटीपीसी की 100 एकड़ से अधिक भूमि खाली पड़ी हुई है। आरोप है कि इस जमीन पर धीरे-धीरे अस्थायी छप्परनुमा ढांचे खड़े कर अतिक्रमण किया जा रहा है। वीडियो में भी कुछ स्थानों पर निर्माण गतिविधियां दिखाई देने की बात कही जा रही है।
एनटीपीसी प्रबंधन का कहना है कि उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कंपनी की भूमि पर संगठित अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खाली पड़ी सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों की जमीनों पर पहले अस्थायी झोपड़ियां और छप्पर बनाए जाते हैं, जिसके बाद स्थायी निर्माण शुरू हो जाता है। इससे भविष्य में भूमि विवाद और कानूनी चुनौतियां बढ़ने की आशंका रहती है।













