जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग बनी बड़ी समस्या, मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी

सिंगरौली। जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर परिसर में अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के कारण मरीजों, परिजनों, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और सीमित स्थान के कारण कई बार जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
जिला अस्पताल प्रमुख अस्पताल केंद्र होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। यही नहीं, आसपास के राज्य उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, सहित मध्यप्रदेश सिंगरौली के आसपास के जिलो से भी मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर यहां आते हैं। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद यदि मरीजों को समय पर उपचार, सुचारु आवागमन और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पातीं तो यह व्यवस्था और जिम्मेदार तंत्र पर सवाल खड़े करता है।
अस्पताल परिसर में आने वाली 108 एंबुलेंस सहित निजी वाहन भी कई बार अव्यवस्थित पार्किंग के कारण समय पर प्रवेश नहीं कर पाते। इसका सबसे अधिक असर गंभीर मरीजों, प्रसूता महिलाओं, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों एवं आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों पर पड़ता है।
अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं मरीजों के परिजनों को भी लंबे समय तक वाहनों के बीच फंसे रहने की स्थिति का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में व्यवस्थित पार्किंग, अलग एंबुलेंस कॉरिडोर तथा यातायात नियंत्रण की व्यवस्था तत्काल लागू किए जाने की आवश्यकता है।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर परिसर में पुलिस चौकी अथवा स्थायी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव होने से आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जिला अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए तथा मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।













