यूरोपीय दौरे पर पीएम मोदी: नीस पहुंचे, मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता आज; G7 में ट्रंप से मुलाकात संभव

नीस (फ्रांस), 14 जून।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो देशों के उच्च स्तरीय यूरोपीय दौरे की शुरुआत करते हुए रविवार को फ्रांस के खूबसूरत तटीय शहर नीस पहुंच गए हैं। इस व्यापक दौरे में द्विपक्षीय वार्ताएं, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यक्रम और जी7 (G7) शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी शामिल है।
नीस हवाई अड्डे पर पहुंचने पर फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडौर्ड गेफ्रे, उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट और भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ सहित शीर्ष फ्रांसीसी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक और ‘भारत इनोवेट्स 2026’
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का एक मुख्य आकर्षण आज (14 जून) फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होने वाली उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक है। इस साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में अपग्रेड किए जाने के बाद इस बैठक का कूटनीतिक महत्व काफी बढ़ गया है।
राजनयिक वार्ता के अलावा, दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ (India Innovates 2026) का शुभारंभ करेंगे। यह तीन दिवसीय नवाचार सम्मेलन भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड को एक मंच पर लाएगा, जिसका मुख्य फोकस उभरती प्रौद्योगिकियों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।
स्लोवाकिया की पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा
फ्रांस के बाद प्रधानमंत्री मोदी 14-15 जून को स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। साल 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद से किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी।
ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। इस बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ यूरोपीय संघ (EU) के साथ भारत के व्यापक संबंधों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
G7 शिखर सम्मेलन और डोनाल्ड ट्रंप से संभावित मुलाकात
स्लोवाकिया दौरा पूरा करने के बाद पीएम मोदी 16 जून को वापस फ्रांस लौटेंगे और 16-17 जून तक एवियन में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
इस सम्मेलन के इतर 17 जून को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हो सकती है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के एजेंडे में दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों के हावी रहने की संभावना है।
ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करेंगे पीएम मोदी
प्रस्थान वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यह लगातार 8वां G7 शिखर सम्मेलन है जिसमें भारत को आमंत्रित किया गया है, जो भारत पर बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।” उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत इस मंच पर केवल अपनी बात नहीं रखेगा, बल्कि विकासशील देशों यानी ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं और हितों का भी मजबूती से प्रतिनिधित्व करेगा।












