बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

100 फीट गहरी खाई में समाया डंपर, ऑपरेटर की मौत; 5 घंटे चले रेस्क्यू के बाद निकाला शव

रिलायंस कोल माइंस में दर्दनाक हादसा, मुआवजे पर बनी सहमति; परिजनों को मिलेंगी करोड़ के करीब सुविधाएं और नौकरी

सिंगरौली। जिले के मुहेर स्थित रिलायंस कोल माइंस में शुक्रवार तड़के हुए दर्दनाक हादसे में डंपर ऑपरेटर देवेंद्र यादव की मौत हो गई। बताया गया कि देर रात करीब 2 बजे ड्यूटी के दौरान डंपर अनियंत्रित होकर लगभग 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही रिलायंस कोल माइंस की सुरक्षा टीम, कंपनी प्रबंधन और नवानगर पुलिस मौके पर पहुंची। खदान की गहराई और विषम परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मृतक का शव बाहर निकाला गया।नवानगर थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।

 

मुआवजे पर बनी सहमति, आश्रित को नौकरी भी मिलेगी
हादसे के बाद मृतक के परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच मुआवजा एवं सहायता राशि को लेकर सहमति बन गई है। मृतक बिहार निवासी देवेंद्र यादव संविदाकार कंपनी के माध्यम से कार्यरत थे। घटना के बाद खदान क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था।
जानकारी के अनुसार परिजनों को विभिन्न बीमा योजनाओं, सहायता राशि और अन्य मदों को मिलाकर लगभग 85 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा पत्नी और बच्चों को मासिक पेंशन, अंतिम संस्कार सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को नियमानुसार रोजगार देने पर भी सहमति बनी है।

  • ये मिलेंगी प्रमुख सुविधाएं
    सुपरटॉप पॉलिसी – ₹30 लाख
    एक्सीडेंटल पॉलिसी – ₹20 लाख
    ईडीएलआई पॉलिसी – ₹7.50 लाख
    ग्रेच्युटी – ₹1.42 लाख
    ईपीएफ लाभ – ₹5 से 7 लाख
    सहायता राशि – ₹20 लाख
    अंतिम संस्कार सहायता – ₹1 लाख
    पत्नी को ₹1500 मासिक पेंशन
    दो बच्चों को ₹750-₹750 प्रतिमाह पेंशन (25 वर्ष की आयु तक)
  • आश्रित को नियमानुसार नौकरी

घटना के दौरान इंटक नेता लाल पुष्पराज सिंह, कांग्रेस पार्षद रामगोपाल पाल, तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित श्रमिक और मृतक के परिजन मौजूद रहे। हालांकि कंपनी प्रबंधन की ओर से दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं हादसे के बाद खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Author

Related Articles

Back to top button