गरीबों के आशियाने की जमीन पर कब्जे की आशंका, सार्वजनिक स्थल पर निर्माण से उठे सवाल

सिंगरौली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बसंत विहार कॉलोनी, गनियारी-देवरा में सार्वजनिक भूमि पर कथित निर्माण को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। कॉलोनी के रहवासियों ने ब्लॉक नंबर 43 के सामने स्थित खाली स्थान पर किए जा रहे निर्माण पर आपत्ति जताते हुए इसकी जांच की मांग की है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी गई भूमि पर चबूतरेनुमा स्थायी निर्माण कराया जा रहा है। रहवासियों का कहना है कि यह स्थान वर्षों से कॉलोनीवासियों द्वारा सामुदायिक गतिविधियों, बैठकों और छोटे सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण भविष्य में विवाद और असुविधा का कारण बन सकता है।कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण की वैधता की जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित भूमि का स्वामित्व एवं उपयोग किस श्रेणी में आता है। उनका कहना है कि यदि निर्माण बिना अनुमति अथवा सार्वजनिक भूमि पर किया जा रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
रहवासियों का कहना है कि सरकार ने गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए हैं, ऐसे में कॉलोनी की सार्वजनिक सुविधाओं और खाली स्थलों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।













