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कृषि उत्पाभदन आयुक्तव की अध्यंक्षता में रीवा एवं शहडोल संभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

सिंगरौली-कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता की अध्यक्षता में रीवा एवं शहडोल संभाग के विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं और प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ई-विकास पोर्टल के माध्यम से टोकन जनरेट कर किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए, जिससे खाद एवं बीज की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही निजी संस्थानों द्वारा विक्रय किए जा रहे खाद एवं बीज के नमूनों की नियमित जांच कर अवैध भंडारण पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिले में उपलब्ध उर्वरक की जानकारी का नियमित प्रचार-प्रसार किया जाए तथा खाद वितरण के समय अनावश्यक भीड़ नियंत्रित करने हेतु टोकन आधारित वितरण प्रणाली अपनाई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार किसानों को उचित फसलों की बोनी के लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रेरित किया जाए। साथ ही किसानों को दामिनी एप, मौसम एप एवं मेघदूत एप के उपयोग के संबंध में जागरूक किया जाए ताकि उन्हें मानसून एवं मौसम की रियल टाइम जानकारी प्राप्त हो सके। बीज उपलब्धता सुचारू बनाए रखने हेतु बीज निगम एवं बीज संघ से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों को उनके रकबे के अनुसार उर्वरक एवं कीटनाशक के संतुलित उपयोग की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज की फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। खरीफ फसलों की कटाई के बाद सितंबर एवं अक्टूबर माह में अवशेष प्रबंधन की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान नवीन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बैंकों को तीन वर्षों से नियमित रूप से टर्म लोन चुकाने वाले किसानों को एग्रीकल्चर टर्म लोन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में उद्यानिकी फसलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उद्यानिकी फसलों की व्यवस्थित गिरदावरी करने के निर्देश दिए। पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट के तहत शीतल वाहन, कोल्ड स्टोरेज आदि सुविधाओं के संबंध में किसानों को जानकारी देने तथा पीएमएफएमई जैसी हितग्राही मूलक योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण आधारित इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि क्लस्टर आधारित परियोजनाओं की आवश्यकता है। फ्लोरीकल्चर एवं ऑर्चर्ड विकास के साथ इंटरक्रॉपिंग जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर किसानों को मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए।

मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के अंतर्गत छोटे-छोटे तालाबों में केज कल्चर के प्रकरण 30 जून से पूर्व लक्ष्यवार प्रस्तावित किए जाएं, जिससे उद्यमिता विकास को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने इंटीग्रेटेड मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, अपूर्ण फिश पार्लर निर्माण कार्य पूर्ण कराने तथा नगर निगम कमिश्नर एवं सीएमओ को टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बंद खदान क्षेत्रों में तालाब निर्माण कर मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने, अवैध मत्स्याखेट के विरुद्ध कार्रवाई करने, सभी जलाशयों की मैपिंग कराने एवं निष्क्रिय समितियों को निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा के दौरान कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण एवं विभिन्न पशुपालन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने क्षीरधारा एवं कामधेनु योजना के लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालकों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कार्य करने पर जोर दिया गया।बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर श्री गौरव बेनल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जगदीश गोमे, उप संचालक कृषि श्री मनोज सिंह, उपायुक्त सहकारिता श्री पी.के. मिश्रा, उप संचालक उद्यानिकी श्री एच.एल. निमोरिया, उप संचालक मत्स्य विभाग श्री मनोज अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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