मैहर में बीपीएल सूची में फर्जीवाड़ा, 111 अपात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के आरोप में छह अधिकारियों पर मामला दर्ज

मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर जिले में बीपीएल सूची में कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने जांच में 111 अपात्र लोगों को नियमों के विरुद्ध बीपीएल सूची में शामिल कर शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाए जाने की पुष्टि होने के बाद छह अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
ईओडब्ल्यू रीवा के पुलिस अधीक्षक अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि भोपाल में प्राप्त शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि जनपद पंचायत मैहर में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना अपात्र व्यक्तियों के नाम बीपीएल सूची में जोड़े गए, फर्जी बीपीएल प्रमाण-पत्र जारी किए गए तथा कुछ मामलों में एक ही बीपीएल क्रमांक पर दो हितग्राहियों के नाम दर्ज किए गए।
जांच के अनुसार तत्कालीन अधिकारियों ने शासन के निर्देशों की अनदेखी करते हुए तहसीलदार की अनुशंसा या आदेश के बिना ही अपात्र लोगों को बीपीएल सूची में शामिल कर दिया। इससे वर्ष 2018 से अब तक संबंधित लोगों ने विभिन्न शासकीय योजनाओं का अनुचित लाभ लिया, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई।
मामले में ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेदमणि मिश्र, आर.एन. शर्मा, सहायक विकास विस्तार अधिकारी प्रेमलाल गौतम, तत्कालीन विकासखंड अधिकारी सुदामा प्रसाद चौरसिया, तत्कालीन बीपीएल प्रभारी दीपक मिश्रा तथा वर्तमान बीपीएल प्रभारी रामसुंदर मिश्रा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक षड्यंत्र तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।













