ब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशरीवा

फर्जी मार्कशीट से बीएड में प्रवेश लेने वाले छात्र को तीन वर्ष की सजा

 

रीवा। फर्जी अंकसूची के आधार पर बीएड में प्रवेश लेने वाले छात्र को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक शशि तिवारी ने की।

अभियोजन के अनुसार वर्ष 2020 में थाना सिविल लाइन में दर्ज मामले की जांच के दौरान पता चला कि टीआरएस कॉलेज के छात्र रामबदन साकेत निवासी ग्राम रिमारी, तहसील सिरमौर ने बीए ऑनर्स षष्ठम सेमेस्टर (2017-18) की अंकसूची में प्राप्त 6 अंक को कूटरचित तरीके से 66 अंक दर्शाकर फर्जी मार्कशीट तैयार कराई और उसी के आधार पर बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा अधिकारियों के नाम से कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने टीआरएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. रामलला शुक्ला, डॉ. अर्पिता अवस्थी सहित 17 गवाहों के बयान न्यायालय में प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज का उपयोग करने का दोषी माना।

न्यायालय ने आरोपी को धारा 467 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड, धारा 468 एवं 471 के तहत दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास, तथा धारा 420 के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास सहित विभिन्न धाराओं में दंडित किया है। साथ ही अलग-अलग धाराओं के तहत अर्थदंड भी लगाया गया है।

Author

Related Articles

Back to top button