गाजा मुद्दे पर केंद्र की चुप्पी से भारत की नैतिक साख को नुकसान : सोनिया गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गाजा संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी से भारत की नैतिक और कूटनीतिक साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अपनी पारंपरिक विदेश नीति और पुराने सहयोगियों से दूर होता जा रहा है।
शनिवार को प्रकाशित एक लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि गाजा में जारी मानवीय संकट पर भारत को स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किया गया हमला निंदनीय था, लेकिन उसके बाद गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई भी अत्यधिक कठोर रही है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में नागरिकों, विशेषकर बच्चों की मौत और विस्थापन गंभीर चिंता का विषय है।
सोनिया गांधी ने कहा कि भारत लंबे समय से उपनिवेशवाद विरोध, वैश्विक शांति और मानवाधिकारों का समर्थक रहा है, लेकिन मौजूदा नीति उस परंपरा से अलग दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत फिलिस्तीन और पश्चिम एशिया के कई देशों से दूरी बना रहा है, जिससे उसकी कूटनीतिक स्थिति प्रभावित हुई है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि कई देशों ने फिलिस्तीन के समर्थन में कदम उठाए हैं और भारत को भी मानवीय मूल्यों तथा अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और सक्रिय विदेश नीति अपनानी चाहिए।











