एमपी-यूपी पुलिस ने नशा तस्करों पर कसा शिकंजा, बॉर्डर पर संयुक्त अभियान चलाने की बनी रणनीति

सिंगरौली। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के अनपरा थाने में आयोजित अंतरराज्यीय बॉर्डर समन्वय बैठक में नारकोटिक्स तस्करी समेत सीमावर्ती अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई का खाका तैयार किया गया।
बैठक में सिंगरौली पुलिस की ओर से एसडीओपी मोरवा रौशनी कुर्मी, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से सीओ पिपरी हर्ष पांडे सहित मोरवा, शक्तिनगर, अनपरा, बीना और रेणुसागर के थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय नशा तस्करों पर संयुक्त दबिश देने, खुफिया सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करने और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने पर सहमति जताई। बैठक में अंतरराज्यीय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और समन्वित कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ लगातार संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।












