आयरलैंड ने रचा इतिहास, भारत को 0-2 से हराकर पहली बार जीती टी20 सीरीज
बेलफास्ट में एक रन से रोमांचक जीत, भारतीय बल्लेबाजी लगातार दूसरे मैच में रही नाकाम; 16 सीरीज जीत का सिलसिला टूटा

बेलफास्ट। भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। बेलफास्ट में खेले गए दूसरे और अंतिम मुकाबले में आयरलैंड ने भारत को एक रन से हराकर पहली बार टी20 सीरीज अपने नाम की। इस हार के साथ ही भारत की लगातार 16 टी20 सीरीज जीतने का सिलसिला भी टूट गया।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम को जीत के लिए 155 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन पूरी टीम निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट पर 153 रन ही बना सकी। अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 20 रन चाहिए थे। हर्षित राणा ने 21 रन की तेज पारी खेलकर उम्मीद जगाई, जबकि आखिरी गेंद पर प्रिंस यादव ने छक्का भी लगाया, लेकिन टीम लक्ष्य से एक रन पीछे रह गई।
शीर्ष क्रम फिर हुआ फ्लॉप
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 35 रन के भीतर चार प्रमुख विकेट गंवा दिए। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर सिर्फ 10 रन बनाकर पवेलियन लौटे। ईशान किशन 12 रन बनाकर रन आउट हो गए। आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदरा ने शुरुआती झटके देकर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया।
तिलक वर्मा की जुझारू पारी भी नहीं बचा सकी
संकट की घड़ी में तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने 39 रन की साझेदारी कर पारी संभालने का प्रयास किया। बाद में शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। तिलक वर्मा ने 46 गेंदों में 55 रन की संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल रहा। हालांकि उनके आउट होते ही भारत की जीत की उम्मीद भी लगभग समाप्त हो गई।
आयरलैंड की ओर से जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड ने तीन-तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई।
दो खिलाड़ियों का टी20 डेब्यू
इस मुकाबले में भारत की ओर से ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। वहीं वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा प्लेइंग-11 से बाहर रहे। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मैच में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल सकी।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतकर नया इतिहास रच दिया।













